द्वितीय शार्ट फिल्म फेस्टिवल 2018 का हुआ समापन

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर की ओर से जीपीआरएसएस रायपुर के तकनीकी संयोजन में आधारित शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल के दूसरे सीजन रंगारंग समापन स्थानीय पं. दीनदयाल आडीटोरियम में हुआ। इस समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छग उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति और छग उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मौजूद थे। उन्हीं की ओर से विजेता फिल्मों और कलाकारों को पुरस्कार दिया गया। 

सुबह 10 बजे से समारोह में लगभग 15 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। शाम 4 बजे एवार्ड सेरेमनी शुरू हुई। इस समारोह में कार्यक्रम नालसा का थीम सांग चलाया गया। उसके बाद कार्यक्रम के संबंध में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव विवेक तिवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चुनिंदा तीन फिल्मों का प्रदर्शन किया। उसमें अब बस, अवनी, और कैसे बताउ दिखाई गई। 
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति टी.बी.राधाकृष्णन ने कहा कि, कानून से संबंधित फिल्म बनाने वाले फिल्मकारों को चाहिए कि, वे अपनी फिल्मों में समस्याओं के साथ ही समाधान भी बतायें। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि, कई संस्थाओं के लोग ऐसे कार्यों में जुटे हुए है जिससे लोगों में कानून के प्रति समझ बढ़ रही है। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि छग उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि, 10 से 12 मिनट की फिल्मों में कोई मैसेज देना एक कठिन कार्य होता है और इन फिल्मों से बेस्ट का चुनाव करना भी सरल नहीं होता। उन्होंने कहा कि, विजुअल इफेक्ट का हमारे जेहन में ज्यादा असर होता है। 20 साल पहले देखी गई रामायण और महाभारत लोगों को आज भी याद होगी। ऐसे में कानून और अधिकारों की जागरूकता को लेकर यह फिल्म महोत्सव बेहतर प्रयास है। 

दो दिन तक चले समारोह में 30 सेे अधिक फिल्में दिखायी गई। इनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ फिल्में अब बस, अवनि, और कैसे बताउं को एक-एक लाख नगद पुरस्कार, पांच श्रेष्ठ फिल्में हमारी बेटिया, यातना, सेव्ड, बोलते दरख्त और गाडस आफिस को बीस-बीस हजार का नगद पुरस्कार और इसके अतिरिक्त सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरूष -राजेश अवस्थी, बेस्ट एक्ट्ेस-फिल्म अवनी, बेस्ट को एक्टर डॉ. अजय सहाय, बेस्ट एडिटिंग- सेव्ड, बेस्ट स्क्रिप्ट-लालसा एक बेटे की, बेस्ट सांग बेखबर एक पल, बेस्ट डायलॉग-कन्या कंचन, बेस्ट निर्देशन- गॉडस ऑफिस, बेस्ट बाल कलाकार- बेबी यास्मीन को दिया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राधिकरण के सचिव उमेश उपाध्याय ने किया।

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