मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में 16 शिक्षकों को दे दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति

स्कूल शिक्षा विभाग ने अयोग्य शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की

भोपाल: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में 16 शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश जारी कर दिये हैं. सरकार ने कुल 84 शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शनिवार को कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए यह कदम उठाया है।

उन्होंने बताया कि इन शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के तीन मौके दिए गए। 30 प्रतिशत रिजल्ट वाले शिक्षकों की पात्रता परीक्षा जून में ली गई थी जिसमें 5891 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी। इन शिक्षकों को पहले प्रशिक्षण दिया गया बाद में 14 अक्तूबर को किताब रखकर दोबारा परीक्षा करवाई गई।

उनमें से 1351 फेल हुए शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर 14 अक्टूबर को फिर से परीक्षा ली गई. दूसरी बार में भी 84 शिक्षक 33 प्रतिशत से कम अंक लाकर फेल हो गये. लेइसके बाद से विभाग ने इसपर कार्रवाई की।

अनुत्तीर्ण हुए 26 शिक्षकों को चेतावनी देते हुए हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल से पदावनत करते हुए प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में भेजने की कार्रवाई की गई. वहीं 20 साल की नौकरी या 50 की उम्र फॉमूले से बाहर आने वाले 20 शिक्षकों की विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।

हालांकि कार्रवाई के खिलाफ शिक्षक मुख्य सचिव के सामने अपील कर सकते हैं। उन पर निर्णय राजपत्रित अधिकारियों की कमेटी लेगी। वह कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसमें रीवा और सतना के सबसे अधिक 4-4 शिक्षकों को सेवा से अलग किया गया है। इसके अलावा सिंगरौली (2), रायसेन, उमरिया, भोपाल, अनूपपुर, गुना और शहडोल 1-1 शिक्षक हैं।

Back to top button