टेक्नोलॉजी

कंप्यूटर ‘कीबोर्ड के बटन’ इसलिए होते हैं उल्टे-पुल्टे

आजकल की लाइफस्टाइल में कंप्यूटर और लैपटॉप से काम करना एक आम बात हो गई है। सभी कंप्यूटर के कीबोर्ड के माध्यम से कुछ ना कुछ लिखने या टाइप का काम करते हैं।

चाहे वह स्कूल के प्रोजेक्ट हो, कॉलेज के असाइनमेंट हो या ऑफिस का कोई वर्क हो सारे काम कंप्यूटर या लैपटॉप पर आज के दौर में किए जाते हैं।

आपने कभी सोचा है कि कंप्यूटर के कीबोर्ड में क्वर्टी कीबोर्ड क्यों होता है? क्यों कंप्यूटर के कीबोर्ड में सीधे अल्फाबेट के बटन नहीं होते यानी कि कीबोर्ड “Q” से क्यों शुरू होता है “A” से क्यों नहीं?

लेकिन फिर भी यह प्रश्न हमारे मस्तिष्क में नहीं आता कि क्यों कंप्यूटर के कीबोर्ड में एबीसी से बटन शुरू नहीं होते क्यों कीबोर्ड में आड़े तिरछे अल्फाबेटिकल ऑर्डर में बटन होते हैं।

आज हम इसी का कारण जानने का प्रयास करेंगे लेकिन उससे पहले कीबोर्ड कैसे बना उसके इतिहास पर भी एक नजर डालना जरूरी है।

वैसे ये तो हम सब जानते हैं कि कीबोर्ड की उत्पत्ति की प्रमुख वजह टाइपराइटर रहे हैं। लेकिन टाइपराइटर में भी क्वर्टी कीबोर्ड नहीं था शुरुआत में।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पहला टाइपराइटर साल 1868 में बनाया गया था। आपको जान कर ताज्जुब होगा कि इस टाइपराइटर में बटन्स को ए, बी, सी, डी के क्रम यानि सही क्रम में रखा गया था।

हालांकि इस तरह से टाइपिंग करने में व्यक्ति को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

ऐसा इसलिए क्यूकि इसके सारे बटन ए, बी, सी, डी के क्रम में लगे हुए थे। जिसके चलते टाइपिंग करते समय एक ऊँगली पर दूसरी ऊँगली आ जाती थी।

यानि इस तरह से टाइपिंग करना बेहद मुश्किल हो रहा था। यही वजह है कि बाद में की बोर्ड में बटन्स में ये बदलाव किया गया।

बता दें कि साल 1873 में शोल्स ने इन बटन्स में परिवर्तन करते हुए इन्हे क्वेर्टी आर्डर में तैयार कर दिया और उनका ये प्रयोग काफी हद तक सफल भी रहा।

अब आप खुद बताइए क्या आपको कीबोर्ड के विषय में इतनी जानकारी थी? जाहिर सी बात है आपको इस विषय में इतनी जानकारी नहीं होगी।

वैसे हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई यह जानकारी आपको काफी पसंद आई होगी।

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