जन्मजात एचआईवी पीड़ित युवती को सरकारी आश्रम में किया प्रताड़ित

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बिलासपुर । जन्मजात एचआइवी से ग्रसित युवती समाज के साथ सरकारी अमले का तिरस्कार व प्रताड़ना झेल रही है। मजबूरी में उसे कुम्हारपारा के स्वाधार केंद्र में सहारा लेना पड़ा। यहां की प्रमुख ने उसे प्रताड़ित करते हुए एचआइवी पीड़ित होने की बात सार्वजनिक कर दी।

इसकी वजह से उसकी नौकरी भी चली गई। वर्तमान में युवती को दर दर भटकने के लिए मजबूर है। पंजाब में रहने वाली जन्मजात एचआइवी ग्रसित 25 वर्षीय युवती कुछ समय पहले अपनी एकलौती रिश्तेदार मौसी के पास रहने रायपुर आई थी।

इसके बाद युवती ने सरकार की ओर से मिलने वाली दवाओं को रायपुर उपलब्ध करने आवेदन दिया। तकरीबन दो साल बाद 2015 में दवा सेंटर की काउंसलर ने जानकारी दी कि एक एचआइवी पीड़ित युवक उससे शादी करना चाहता है।

तीन साल तक युवती को करते रहे परेशान

2015 में दोनों की शादी करा दी गई। कुछ समय बाद पति व उसके परिवार वाले युवती को परेशान करने लगे। यह सिलसिला तीन साल तक चला। तंग आकर उसने पति का घर छोड़ दिया। इसी दौरान इसकी मुलाकात बिलासपुर में रहने वाली समाज सेविका निक्की अरोड़ा से हुई।

मई 2018 में वह बिलासपुर आ गई। निक्की ने उसे तालापारा में किराए पर एक मकान दिलाया। वहां आने के बाद वह जॉब करते लगी। कुछ दिन पहले उसके एचआइवी पीड़ित होने की जानकारी क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि को मिली।

स्वाधार केंद्र में हुआ युवती से दुर्व्यवहार

उसने इसकी महिला बाल विकास को सूचना दी और उसे ले जाने के लिए बाध्य किया। महिला बाल विकास के अधिकारियों ने उसे कुम्हारपारा स्थित स्वाधार केंद्र भेज दिया। जहां भी उसके साथ दुर्व्यवहार किए जाने लगा।

उसका बिस्तर, कपड़ा व सामान अलग कर दिया गया। यहां तक उसे भोजन देना भी बंद कर दिया गया। इससे युवती का हालत और भी बिगड़ गई है। साथ ही उसके आफिस में एचआइवी पीड़ित होने की जानकारी दे दी गई।

इसकी वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया। मदद करने की बजाय सरकारी अमला ही उसे परेशान कर रहा है। ऐसे में उसने सरकार से मदद की गुहार लगाई है महिला अधिवक्ता ने की मदद पीड़ित युवती के बारे में भारतीय नगर में रहने वाले महिला अधिवक्ता प्रियंका व उनके पति अनुज श्रीवास्तव को हुई।

वे उसका अधिकार दिलाने और पहचान सार्वजनिक करने वालों पर कार्रवाई के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रियंका ने संबंधित विभाग से बातचीत कर उसे एक आश्रम में रखने की व्यवस्था की है

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