विश्व जल संरक्षण दिवस पर कार्यशाला का आयोजन

रवि सेन

बागबाहरा। कोमाखान शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोमाखान के विद्यर्थियों ने विश्व जल संरक्षण दिवस पर कार्यशाला का आयोजन कर जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर निबन्ध लेखन किया।कुछ ग्रुप के विद्यार्थियो ने परियोजना के माध्यम से वर्षा काल मे रोपित पौधों को टपक विधि द्वारा कम से कम पानी मे पौधों को गर्मियों में बचाया जा सके।

चूंकि पर्यावरणीय सन्तुलन के आभाव में जल संरक्षण सम्भव नही है ,इसलिए अधिकाधिक वृक्षारोपण और उससे अधिक पौधों का संरक्षण किया जाय।इस कार्य के लिए कबाड़ से जुगाड़ के तहत हॉस्पिटल से अनुपयोगी गुलुकोश की बॉटल एवम केथेटर के उपयोग से प्रति पौधा 500 मि ली पानी से प्रतिदिन कुल 95 दिनों में एक पौधा बचाया जा सकता है।

इस कार्य के लिए शिक्षक विजय शर्मा ने प्रधान पाठक आर आर ठाकुर ,प्राचार्य के आर ध्रुव के मार्गदर्शन में बच्चों को प्रेरित किया।विद्यर्थियों ने इसका प्रयोग विद्यालय ही नही अपितु अपने घरों में खाली पड़े बोतल,डिब्बे,हंडी का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

प्रधान पाठक ठाकुर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिव लिंग मे जलाभिषेक के लिए टपक विधि का उपयोग करते रहे हैं, अब पर्यावरण संरक्षण के लिए हो।प्राचार्य ध्रुव ने बताया कि शिक्षा एवम जागरूकता के माध्यम से हम प्रकृति सेवा के भारत की जय कर सकते हैं।इस कार्य के लिए पूरी टीम को बधाई दी।

विजय शर्मा ने प्रोजेक्ट की उपयोगिता बताते हुए आह्वान किया कि अब वृक्षारोपण से ज्यादा पौधा संरक्षण पर काम करना होगा,चूंकि बरसात में व्यापक रूप से अभियान चलाया जाता है किंतु रोपित पौधे कम ही बचा पाते हैं, अब पौधे बचाने के लिये हमें मार्च से जून में अभियान चलाना चाहिए, तभी सफलता मिलेगी।परियोजना को सफल बनाने में विद्यर्थियों के साथ खेमराज साहू,श्रीमती हेमलता साहू का योगदान सराहनीय रहा।

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