“व्याकरण” में दिखा विस्थापित लोगों का संघर्ष

रंग श्रृंखला नाट्य मंच की प्रस्तुति

रायपुर : रंग श्रृंखला नाट्य मंच की ओर से शनिवार को व्याकरण नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक में विकास के नाम पर विस्थापित गरीब, किसान और आदिवासियों के संघर्ष के बारे में बताया गया है। मराठी के लेखक प्रेमानंद गजवि के लिखे इस नाटक को अजय आठले ने हिंदी में बड़े ही बेहतर ढंग से इसका अनुवाद किया गया है। नाटक में दिखाया गया है कि कैसे विस्थापित लोगों को लेकर कुछ लोग राजनीति करते हैं।

लेखक ने जिस तरह से इस नाटक का नाम व्याकरण दिया है ठीक उसी तरह से इसमें बेहतर तरीके से व्याकरण को दिखाया गया है। निर्देशक हीरा मानिकपुरी ने बताया कि विकास के नाम पर विस्थापित लोगों के साथ जो राजनीति होती है उसको लोगों के सामने पेश करने का प्रयास किया गया है। वहीं रंग मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम की जमकर सराहना की गई.

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