छत्तीसगढ़

पति-पत्नी में न हो अहम का टकराव-बृजमोहन

कृषि-सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने ब्राइट फाउंडेशन के विधवा,विधुर एवं तलाकशुदा के परिचय सम्मेलन हुए शामिल

रायपुर।

प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विवाह का बंधन बड़ा नाजुक होता है। अहम के जरा से टकराव में संबंध बिखर जाते हैं। एक पल की नासमझी में पूरा जीवन तबाह हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि पति-पत्नी एक दूसरे को अच्छी तरह समझ कर चलें। समझदारी से ही जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने यह बात ब्राइट फाउंडेशन द्वारा रंग मंदिर रायपुर में आयोजित विधवा,विधुर एवं तलाकशुदा लोगों के परिचय सम्मेलन एवं सामूहिक विवाह के दौरान कही। उन्होंने विवाह के बंधन में बंधने जा रहें जोड़ों को उन्होंने सुखी एवं सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि असमय जिनके पति या पत्नी की मृत्यु हो गई है, उनके लिए सामाजिक जीवन में रहते हुए बिना संगी के पूरा जीवन जीना मुश्किल होता है। जिनके बच्चे हो उनकी पीड़ा तो और ज्यादा होती है। ऐसे में पति को पत्नी या पत्नी को पति मिलने से ज्यादा बड़ी बात बच्चों को माँ-बाप के मिलने की है। उनके सुखद भविष्य के लिए पुनः विवाह ज्यादा जरूरी हो जाता है।

उन्होंने कहा कि विवाह के बंधन में दिखते तो सिर्फ पति-पत्नी है, पर जुड़ाव पूरे परिवार का होता है। तकलीफ आती है तो पूरा परिवार सफर करता है। इसलिए जरूरी है कि एक पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए चले। कही कोई बात तकलीफ देती है तो उस वक्त उसे थोड़ा सा सहन कर ले। थोड़ी सी सहनशक्ति आपके पूरे परिवार को खुशहाल रखेगी।ब्राइट फाउंडेशन की सराहना करते हुए अग्रवाल ने कहा कि लोगों का परिवार बसाना नेक काम है। इस अवसर पर संस्था के प्रदीप सितुत, माधव यादव,मनीष वोरा, राधा राजपाल, चेतन चंदेल, सत्येंद्र मिश्रा, छाया राय,योगेश चौहान आदि मौजूद थे।

विकलांग-युवक युवती परिचय सम्मेलन में नवविवाहित जोड़ों को दी शुभकामनाएं

हरिबोल निराश्रित एवं विकलांग उत्थान संस्थान द्वारा महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन अश्वनी नगर में आयोजित विकलांग युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं विवाह समारोह में कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित 5 जोड़ों को शगुन भेंट कर सफल एवं सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर बृजमोहन ने कहा कि कोई भी दिव्यांग अपने आप को कमजोर न समझे। ईश्वर उनमे कुछ कमी देता है तो कुछ अतिरिक्त ऐसी भी शक्तियां देता है जो दूसरों में नही रहती। इसलिए हम मानते है कि दिव्यांग मुकाबले में किसी से कम नहीं है। अग्रवाल ने हरिबोल संस्था की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों के विवाह कराने जैसा नेक काम करने वाली इस संस्था के सभी सदस्य बधाई के पात्र है। उनका यह पुनीत कार्य अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणादायक है।</>

Summary
Review Date
Reviewed Item
पति-पत्नी में न हो अहम का टकराव-बृजमोहन
Author Rating
51star1star1star1star1star
advt

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.