बाहुबली अतीक अहमद के नामांकन को लेकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया में असमंजस

वाराणसी से नामांकन दायर कर सकते हैं तेलंगाना के किसान

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. उन्होंने नामांकन फार्म खरीदने के बाद स्पेशल कोर्ट में पर्चा दाखिल करने व प्रचार के लिए तीन सप्ताह की पैरोल देने की मांग की है. इधर उसके नामांकन को लेकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया में असमंजस की स्थिति में है.

पहले पार्टी के प्रदेश महासचिव लल्लन राय ने अतीक के वाराणसी से नामांकन कराए जाने का दावा किया गया था. लल्लन राय ने कहा था, “निश्चित रूप से अतीक अहमद वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं…नॉमिनेशन फार्म बनारस से इश्यू करा लिया है…

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं.” लेकिन PSPL के प्रदेश मीडिया प्रभाग ने इस बात का खंडन कर दिया. देर रात लल्लन राय अपने दिए बयान से पलटे. उन्होंने कहा, “अतीक अहमद के आवेदन करने के बाद विचार किया जाएगा.”

अहमद ने पेरोल की अर्जी दाख़िल की

उधर, बाहुबली अतीक अहमद ने स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में अपने लिए पेरोल की अर्जी दाख़िल की है. बता दें कि हाल ही में अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट ने नैनी जेल से गुजरात की किसी जेल में रखने के लिए कहा था. साथ ही लखनऊ के कारोबारी मोहित जयसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में हुई पिटाई के मामले को सीबीआई को सुपुर्द कर अतीक अहमद से जुड़े मुकदमों की जानकारी मांगी है.

अतीक अहमद के खिलाफ 1979 से 2019 के दौरान 102 मामले दर्ज हुए. इनमें हत्या के 17, उप्र गैंगस्टर कानून के तहत 12, शस्त्र अधिनियम के तहत आठ और उप्र गुण्डा कानून के तहत चार मामले भी शामिल हैं. पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद 11 फरवरी, 2017 से जेल में बंद है.

तेलंगाना में निजामाबाद के करीब 50 किसान अपनी समस्याओं को उजागर करने के एक प्रयास के तहत वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन दायर कर सकते हैं. किसानों की योजना हल्दी की लाभकारी कीमत और एक हल्दी बोर्ड के गठन की मांग पर दबाव बनाने के लिए निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने की है. किसानों के समूह के एक नेता गंगा रेड्डी ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा को यह जानकारी दी. वाराणसी में अंतिम चरण में 19 मई को चुनाव होगा.

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