कांग्रेस ने इस राज्य से की छत्तीसगढ़ की तुलना,राष्ट्रपति शासन की मांग

भूपेश बोले-यहां हालात बद से बदतर

रायपुर: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए जमकर निशाना साधा।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की तुलना जम्मू-कश्मीर से करते हुए भाजपा सरकार की नाकामियां गिनाई।साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने महासमुंद विधायक डॉ.विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों की पुलिसिया पिटाई के मामले में भी सरकार पर हमला बोला।

भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था बदहाल है। प्रदेश की हालात बदतर हो चुकी है। यहां की स्थिति जम्मू-कश्मीर से भी ज्यादा खराब है।

भूपेश बघेल ने कहा कि बिलासपुर में कांग्रेस नेता शैलेष पांडेय के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों पर लगने वाली धाराएं लगा दी गई हैं।मेरे खिलाफ न जाने कितने प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।

ईओडब्ल्यू में केस दर्ज किया गया, लेकिन आज तक मुझसे एक भी सवाल पूछने नहीं बुलाया गया। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था का यह हाल है कि राज्य की 27 हजार महिलाएं गायब हो गई है, लेकिन इसका जवाब सरकार के पास नहीं है।

भूपेश ने कहा- बीजेपी जम्मू-कश्मीर में क्षेत्र विशेष के साथ भेदभाव की बात करती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में विपक्षी विधायकों के साथ जो भेदभाव किया जाता है, वह उन्हें नजर नहीं आता।बस्तर-सरगुजा के साथ भेदभाव किया गया, पेसा कानून, फाॅरेस्ट राइट एक्ट का लगातार वायलेशन किया जा रहा है।

आदिवासियों की जमीनों को लेकर धारा 170 ख के तहत कई प्रकरण दर्ज हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. टाटा प्लांट का उदाहरण सबके सामने है।

भूपेश बघेल ने कहा कि यह स्थिति पूरे प्रदेशभर में बनी हुई है. राज्य में प्रशासनिक आतंकवाद पैदा कर दिया गया है. अधिकारियों के दम पर सरकार चल रही है. लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन भी नहीं किया जा सकता.

पुलिस कर्मियों के परिजन आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन ऐसी धाराएं लगाई जा रही है कि बेल भी न मिले।भूपेश ने कहा कि बीजेपी सरकार में झीरम घाटी की घटना घटती है, लेकिन जांच नहीं होती. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर झूठे प्रकरण दर्ज किए जाते हैं।

Back to top button