कांग्रेस ने प्रचार थमने के बाद 46 घंटे की रणनीति बनाई

रायपुर। तीसरे चरण के मतदान के लिए रविवार शाम पांच बजे से प्रचार थमने के बाद से मंगलवार को सुबह सात बजे तक मतदान शुरू होने के पहले तक, कांग्रेस ने 36 घंटे खामोशी से प्रचार और अलग-अलग समाज, धर्म और वर्ग के वोटरों को साधने के लिए रणनीति बना ली है। इसी के आधार पर सातों लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अपना काम करेंगे।

मैदानी इलाकों वाली सीटों पर मतदान का प्रतिशत बढ़े, इसलिए मतदान शुरू होने के बाद 10 घंटे वोटरों को पोलिंग बूथ तक लाने की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। 36 घंटे में क्या करना है, इसे लेकर रविवार को प्रदेश महामंत्री गिरिश देवांगन ने पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक ली।

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, कोरबा, जांजगीर और रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र में रविवार शाम को जैसे ही चुनावी शोर-शराबा बंद हुआ, प्रत्याशी, क्षेत्र के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता लाउडस्पीकर लगे ऑटो व रिक्शे और बाजे-गाजे को छोड़ दिया। अलग-अलग टुकड़ियों में बंट गए और डोर-टू-डोर जनसंपर्क के लिए निकल पड़े। केवल प्रत्याशियों ने ही नहीं, क्षेत्र के नेता और कार्यकर्ताओं ने भी वृद्ध मतदाताओं का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। हमउम्र लोगों से हाथ जोड़कर वोट मांगा। एक मोहल्ले, बस्ती या कॉलोनी से निकलकर दूसरे में गए।

यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इसके बाद प्रत्याशी, वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता लोकसभा क्षेत्रवार बने पार्टी के केंद्रीय कार्यालयों में पहुंचे। सोमवार को प्रचार का कार्यक्रम तय हुआ। बचे हुए क्षेत्रों में जनसंपर्क के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में पहुंचा जा सके।

यह तय हुआ है कि प्रत्याशी तो सोमवार दिन में ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करेंगे और शाम होने से पहले लोकसभा मुख्यालय में लौट आएंगे। देर रात तक लोकसभा मुख्यालय में उनका जनसंपर्क चलेगा। रात को फिर से बैठक होगी। उसमें बूथ, ब्लॉक, सेक्टर, अनुभाग स्तर के पदाधिकारियों को मोहल्ला, बस्ती और अलग-अलग कॉलोनियों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि मतदान वाले दिन मंगलवार सुबह से वे वहां सक्रिय हो जाएं।

मतदाताओं को वोट डालने के लिए प्रेरित करें। झुग्गी-बस्तियों के मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए पार्टी वाहनों की व्यवस्था भी करेगी। क्योंकि, चुनाव आयोग की नजर होगी, इसलिए वाहनों में पार्टी या प्रत्याशी का फोटो, पोस्टर या फ्लैक्स नहीं लगाया जाएगा।

समाज के वोटरों से अंतिम दौर की होगी मुलाकात

प्रचार थमने के बाद अलग-अलग समाज और धर्म प्रमुखों से अंतिम दौर की मुलाकात होगी, ताकि समाजों के वोट अधिकाधिक मिले। यह जिम्मेदारी पार्टी के अलग-अलग समाज व धर्म के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। इसमें मंत्री भी शामिल है, जिन्हें समाज व धर्म प्रमुख के निवास तक भी जाने के लिए कहा गया है।

गश्ती दल गली-मोहल्लों का खाक छानेंगे

प्रचार थमने के बाद मतदाताओं को प्रलोभन और दूसरी चीजें बांटने का दौर शुरू होता है। कोई भी प्रत्याशी या उसके दल व समर्थक मतदाताओं तक कोई चीज न बांट पाए, इसके लिए कांग्रेस में गश्ती दल बनाए जा रहे हैं। गश्ती दल में अलग-अलग टुकड़ियों में लोकसभा क्षेत्र में रातभर घूमेंगे और नजर रखेंगे।

अगर, कहीं कोई मतदाताओं को कुछ बांटते दिखेगा, तो गश्ती दल के लोगों को झगड़ा या विवाद करने से मना किया है। उन्हें तत्काल पार्टी के कंट्रोल रूम को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि निर्वाचन कार्यालय को सूचना देकर कार्रवाई कराई जा सके। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के गश्ती दल ने कई ट्रकों में सामग्रियां पकड़कर चुनाव आयोग को सौंपा था।

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