श्रद्धेय मिनीमाता को कांग्रेस ने भुला दिया : रिजवी

रायपुर: जकांछ कोर ग्रुप के सदस्य, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने छत्तीसगढ़ की पहचान एवं धरोहर कांग्रेस की प्रथम महिला सांसद गुरूमाता मिनीमाता की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा है कि भले ही गुरूमाता को मिनीमाता के नाम से जाना जाता है

परन्तु कद में मिनीमाता का न केवल सतनामी समाज वरन् प्रदेश के हर वर्ग एवं समुदाय के नजरिये से देखा जाए तो मिनीमाता का कद बहुत बड़ा था और सदैव रहेगा, परन्तु खेद एवं आश्चर्य का विषय है कि प्रदेश के कांग्रेस संगठन ने उनकी जयंती का कार्यक्रम आयोजित न कर एक अक्षम्य गलती की है। जोगी निवास अनुग्रह में गुरूमाता के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हे स्मरण किया गया जिसमें बड़ी संख्या में जकांछ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

स्वर्गीय गुरूमाता छत्तीसगढ़ की आन-बान और शान तथा बेशकीमती रत्न

रिजवी ने कहा है कि स्वर्गीय गुरूमाता छत्तीसगढ़ की आन-बान और शान तथा बेशकीमती रत्न है, जिन्हे भारत रत्न की उपाधि से नवाजा जाना चाहिए, जो गुरूमाता की समाजसेवी शख्सियत के अनुकूल होगा। केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा अपनी मातृ संस्था आरएसएस के स्वयंसेवक स्वर्गीय नानाजी देशमुख को मरणोपरांत समाज सेवा के लिए भारत रत्न जब प्रदान किया जा सकता है तो फिर सतनामी समाज की महान शख्सियत मिनीमाता जी को भारत रत्न से अलंकृत क्यो नही किया जा सकता ? भविष्य में कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों एवं संगठनों का दायित्व बनाता है कि वह गुरूमाता की जयंती का कार्यक्रम आयोजित करें।

स्वर्गीय मिनीमाता जी को छत्तीसगढ़ माता का दर्जा भी दिया जाना चाहिये। इसी प्रकार देश के प्रथम शिक्षामंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती का कार्यक्रम अभी तक कई बार स्मरण दिलाये जाने के बावजूद कांग्रेस द्वारा आयोजित नही किया गया है, जो इन विभूतियों की अनदेखी को दर्शाता है।

मेरे शहर कांग्रेस अध्यक्षीय कार्यकाल में श्रद्धेय मिनीमाता के पति एवं जगत गुरू विजय गुरू के पिता तथा वर्तमान मंत्रीमंडल के सदस्य रूद्र कुमार गुरू के दादा स्वर्गीय गुरू अगम दास की जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। ऐसी परंपराओं को जारी रखा जाना चाहियें।

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