कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया था द्विराष्ट्रवाद का सिद्धांत-वी सतीश

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री वी सतीश ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया है। रायपुर जिला भाजपा द्वारा सप्रे शाला मैदान के समीप हनुमान मंदिर के प्रांगण में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी सतीश व् प्रदेश के कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी भाजपा कार्यकर्ताओं डॉ मुखर्जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बरगद पेड़ के छाव में आयोजित इस आयोजन में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री वी सतीश ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया है। आज़ादी के बाद देश को टुकड़ों में बांटने की बहुत कोशिशें हुई । परंतु डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रभक्तों ने ऐसे मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया । देश का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पार्टी ने तो कश्मीर के द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत को स्वीकार कर लिया था। परंतु डॉ. श्यामा प्रसाद ने कहां की माँ भारती को किसी कीमत पर खंडित नहीं होने दिया जाएगा। इस एक देश भारत में अब एक ही प्रधान होगा, एक ही ध्वज होगा। अपने इसी नारे के साथ उन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला और बिना परमिट के कश्मीर में दाखिल हो गए। जहा वे गिरफ्तार कर लिए गए और वहीं संदेहास्पद स्थिति में उनकी मौत हो गई।
वी सतीश ने बताया कि आजादी के बाद बनी पहली सरकार में डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी गैर कांग्रेसी नेता थे ।इन्हें उद्योग मंत्री जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कम समय तक मंत्री पद पर रहे । परंतु जब तक रहे देश की औद्योगिक संरचना के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका उन्होंने निभाई। जिसके बाद सरकार की राष्ट्रीय विरोधी नीतियों के विरोध में मंत्री पद त्याग दिया और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाकर गैर कांग्रेसी नेताओं को एक मंच पर लाने का काम किया।
वी सतीश ने कहा कि आज़ादी के बाद देश में चल रही तुष्टिकरण की राजनीति का डॉक्टर साहब ने पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि श्री मुखर्जी राष्ट्रवादी और प्रख्यात शिक्षाविद् थे मात्र 34 साल की उम्र में ही वे कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बन गए थे ।उस दौर के वह गैर राजनीतिक प्रभावशाली व्यक्तित्व में से एक थे। हमारा सौभाग्य है कि आज हम उनके बताए पदचिन्हों पर आगे बढ़ रहे हैं और जो सपने उन्होंनेे अपने भारत देश के लिए देखे थे, उन सपनों को साकार करने की दिशा में चलते हुए काम कर रहे हैं । पंडित दीनदयाल जी के साथ मिलकर जब उन्होंने जनसंघ की स्थापना की उस वक्त लोग कहते थे कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी के सामने उनकी क्या बखत होगी। परंतु आज देखिए उनके द्वारा बोया गया राष्ट्रवाद का बीज भारतीय जनता पार्टी के रुप में देश में खड़ा है। देश का नेतृत्व करने के साथ साथ जिसकी 14 राज्य में सरकार है । जो जनता के बीच लोकप्रिय होकर उनकी भावनाओं के मुताबिक काम करते हुए देश की सेवा में जुटे हुए है।
इस अवसर पर इस अवसर पर प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की बदौलत आज कश्मीर हमारा अभिन्न अंग बना हुआ है । आजादी के बाद वह भी दिन था जब बिना परमिट के हमें अपने ही देश के कश्मीर में जाने की इजाजत नहीं थी। आज उनकी वजह से ही देश एक है।
उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी जिस समृद्ध भारत का सपना देखा करते थे , आज उस सपने को पूरा करने के मार्ग पर हम चल रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश सफलता के शिखर पर पहुंच रहा है । दीन दुखियों की सेवा और समृद्धि समाज का निर्माण हो रहा है। आशा नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि हमारा देश पुनः विश्व गुरु बनेगा और माँ भारती का भाल और ऊँचा होगा।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री संतोष पांडे, जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल,आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सत्यम दुआ,मंडल भाजपा अध्यक्ष विनय ओझा, वर्धमान सुराणा शंकर व्यास, खेमराज बैद, मुरली शर्मा राघवेंद्र ठाकुर,कृष्ण कुमार अवधिया, राकेश दास वैष्णव, अवधिया राधेश्याम बुंदेला, अजय साहू,वीरेंद्र डागा, संभु गुप्ता, शर्मा, सदाशिव सोनी,श्रीराम साहू, विनय साहू, रामकृष्ण पवार, प्रवीण देवड़ा, गजेंद्र सोनकर, दिलीप, प्रणय तिवारी इमाम खान, गणेश पदमवार, सुनील गायकवाड,संतोष सोनी, शरद जाल, हाजी मुन्ना आदि उपस्थित थे।

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