भानुप्रतापपुर में कांग्रेस को एंटीइनकम्बेंसी का डर, मुश्किल में मंडावी

रायपुर।

कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर में छत्तीसगढ़ बनने के बाद से दो बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस प्रत्याशी को जीत मिली। वर्तमान में यहां से कांग्रेस के मनोज मंडावी विधायक चुने गए हैं।

साल 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर देवलाल दुग्गा को अपना प्रत्याशी बनाया था वहीं कांग्रेस की ओर से मनोज मंडावी मैदान में थे। देवलाल दुग्गा ने बहुकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के मनोज मंडावी को 1379 मतों से हराया। देवलाल दुग्गा को 40803 मत मिले.

वहीं मनोज मंडावी को 39424 मतों से संतोष करना पड़ा। एनसीपी के विजय ठाकुर 12.69 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 13186 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। सीपीआई के रामेश्वर सिंह ठाकुर 3.65 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 3787 मत प्राप्त कर चौथे व निर्दलीय द्वारिका प्रसाद पांचवें स्थान पर रहे।

2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए ब्रहमानंद को अपना प्रत्याशी बनाया वहीं कांग्रेस की ओर से गंगा पोटाई मैदान में थीं। जिन्हें भाजपा के हाथों 17032 मतों से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के ब्रह्मानंद को 41300 मत मिले वहीं कांग्रेस की गंगा पोटाई 24352 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही। कांग्रेस के बागी उम्मीदवार मनोज मंडावी 25905 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे। बीएसपी के कमाल सिंह कोर्राम 4.70 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5063 मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पार्टी में वापसी किए मनोज मंडावी को फिर मौका दिया, जो 14896 मतों से जीत कर विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे। वहीं भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए सतीश लाटिया को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में कांग्रेस के मनोज मंडावी को 64837 मत मिले वहीं भाजपा के सतीश लटिया को 49941 मतों से संतोष करना पड़ा। निर्दलीय परमानंद टेटा 5.74 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 8096 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। नोटा चौथे और बीसपी के कमल सिंह कोर्राम 2.81 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 3967 मत प्राप्त कर पांचवें स्थान पर रहे।

आने वाले चुनाव में कांग्रेस को भानुप्रतापपुर में अपनी जीत बचाए रखने के लिए एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर का सामना करना पड़ सकता है। वहीं भाजपा अपनी पुरानी सीट पर जीत हासिल करने के लिए नए चेहरे को मौका दे सकती है। इस बार जोगी-बसपा-सीपीआई गठबंधन और आम आदमी पार्टी के अलावा सर्व आदिवासी समाज भी अपने उम्मीदवार उतारेगा। ऐसे हालात में बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

Back to top button