बिहार में मुसीबत में कांग्रेस, राजद ने 11 सीटों का दावा छोड़ने का बढ़ाया दबाव

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की भेंट की थी चर्चा

पटना: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर बिहार में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस मुसीबत में पड़ते दिखाई दे रहा है। जीतनराम मांझी के तेवरों के सहारे राजद ने कांग्रेस पर 11 सीटों का दावा छोड़ने का दबाव बढ़ा दिया है। वहीं, कुछ सीटों को लेकर विकल्प भी दे दिया है। अब तक दबाव बना रही कांग्रेस अब खुद परेशानी में दिखाई दे रही है।

प्रमुख जीतनराम मांझी के तेवर

दिल्ली से लौटने पर सीट बंटवारे को लेकर संतुष्टि के भाव दिखाने वाले हम प्रमुख जीतनराम मांझी के तेवर दो दिन से बदले हुए हैं। यह बदलाव तब से चरम पर है, जब से कांग्रेस ने 11 सीटों पर लड़ने की बात सार्वजनिक की है। हालांकि मांझी के बदले रुख को भी राजद की रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।

राजद के बदले रुख का इजहार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गत दिवस अपने ट्वीट के जरिए कर दिया था। इसमें नाम लिए बिना कांग्रेस को सीटों के लिए न अड़ने का सख्त संदेश दिया था। राजद एक ओर जहां कांग्रेस के प्रति थोड़ा सख्त हुआ है तो वहीं वाम दलों सहित अन्य सहयोगियों के प्रति लचीला रुख अख्तियार कर लिया है। मांझी दो सीटों से संतुष्ट नहीं हैं। बताया गया कि उनकी मांग की पूर्ति अपने कोटे से करने के लिए राजद ने कांग्रेस को कहा है।

वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस को दरभंगा और मधुबनी, कटिहार व किशनगंज तथा मोतिहारी और वाल्मीकि नगर के विकल्पों में से भी एक-एक सीट चुनने के लिए कहा गया है। अब फैसला कांग्रेस को करना है क्योंकि पार्टी यदि अड़ती है तो राजद अन्य सहयोगी दलों संग मिलकर उस पर गठबंधन तोड़ने का आरोप जड़ने की पटकथा तैयार कर चुका है।

गठबंधन में पड़ती गांठ पर फैसला लेने के लिए रविवार की शाम दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात की चर्चा थी। खबर है कि यह मुलाकात नहीं हुई। अब पूरा दारोमदार कांग्रेस व राजद आलाकमान की बातचीत पर टिका है। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को यह बात हो सकती है।.

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