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साइबर क्षेत्र में चीन से निपटने के लिए प्रयास तेज करे सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने चीन द्वारा भारत में प्रमुख पदों पर बैठे लोगों की कथित तौर पर जासूसी कराने से जुड़ी खबर को लेकर सोमवार को कहा कि साइबर क्षेत्र में चीन से निपटने के लिए सरकार को अपने प्रयास तेज करने चाहिए. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल किया कि क्या सरकार को इस गंभीर मामले के बारे में पता था?

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने चीन द्वारा भारत में प्रमुख पदों पर बैठे लोगों की कथित तौर पर जासूसी कराने से जुड़ी खबर को लेकर सोमवार को कहा कि साइबर क्षेत्र में चीन से निपटने के लिए सरकार को अपने प्रयास तेज करने चाहिए. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल किया कि क्या सरकार को इस गंभीर मामले के बारे में पता था?

उन्होंने समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘अगर यह सही है तो क्या मोदी सरकार को इस गंभीर मामले का पहले पता था? या भारत सरकार को पता ही नहीं चला की हमारी मुखबरी हो रही है?’’ सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि भारत सरकार देश के सामरिक हितों की सुरक्षा करने में बार-बार ‘विफल’ क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि चीन को अपनी हरकतों से बाज आने का स्पष्ट संदेश देना चाहिए.

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर प्रयास तेज करे. हम एक ओर सीमा पर चीन जैसे देश से मुकाबला कर रहे हैं तो वहीं हम साइबर क्षेत्र में चीन से भी मुकाबला कर रहे हैं. सरकार को सोना नहीं चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘चीन के साथ हमें साइबर क्षेत्र में नजर रखनी पड़ेगी. भारत सरकार स्पष्ट करे कि चीनी कंपनियों ने कोई संवेदनशील डेटा नहीं लिया है.’’ अंग्रेजी समाचार पत्र की खबर में दावा किया गया है कि चीन भारत में बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे राजनेताओं और सामरिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जासूसी कर रहा है. इसमें कहा गया है कि चीन की एक कंपनी शेनझेन इंफोटेक और झेन्हुआ इंफोटेक ये जासूसी कर रही हैं.

सरकार की ओर से पेश कृषि संबंधी विधेयक सरकार का किसान विरोधी षड्यंत्र
कांग्रेस ने सरकार की ओर से लोकसभा में पेश कृषि से संबंधित विधेयकों को ‘किसान विरोधी षड्यंत्र’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इससे किसानों को नहीं, बल्कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों को आजादी मिलने वाली है.

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ किसान ही हैं जो ख़रीद खुदरा में और अपने उत्पाद की बिक्री थोक के भाव करते हैं. मोदी सरकार के तीन ‘काले’ अध्यादेश किसान-खेतिहर मजÞदूर पर घातक प्रहार हैं ताकि न तो उन्हें एमएसपी व हक मिलें और मजबूरी में किसान अपनी जÞमीन पूंजीपतियों को बेच दें.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह मोदी जी का एक और किसान-विरोधी षड्यंत्र है.’’

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर से बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार जो दो विधेयक लेकर आई है वो किसानों और कृषि क्षेत्र को तबाह करने वाले हैं. आज का दिन काला अक्षर से लिखा जाएगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सदन में इसका विरोध किया. मंत्री जी ने कहा कि ये किसानों को आजादी देते हैं. यह सरासर झूठ है. ये किसानों को नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपतियों को आजादी देते हैं.’’

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