पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भ्रम फैला रही कांग्रेस : धरमलाल कौशिक

रायपुर।

प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाने और राजनीतिक दोगलेपन का परिचय देने पर कड़ा एतराज जताया है। सोमावार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव होना है।

विश्वभर में पेट्रोल-डीजल के उत्पादन में आई कमी और क्रूड ऑयल की कीमतों में एकाएक हुई वृद्धि के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। इन कीमतों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर का मजबूत होना भी है।

पर कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर तथ्यों से मुंह चुरा रही है। भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम वैट टैक्स है। छत्तीसगढ़ में जहां 26 फीसदी वेट टैक्स है, वहीं कांग्रेस शासित राज्य पंजाब में यह दर 35 फीसदी है। तुलनात्मक रूप से छत्तीसगढ़ में पंजाब के मुकाबले पेट्रोल 8 रूपए प्रति लीटर सस्ता है।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2013 में पेट्रोल 82.07 रुपए प्रति लीटर तक बिका था। कांग्रेस बार-बार यह झूठ स्थापित करने की नाकाम कोशिश कर रही है कि उसके शासनकाल में जिस वक्त क्रूड ऑयल 160 डॉलर प्रति बैरल था, तब भी पेट्रोल-डीजल इतना महंगा नहीं था। इससे अन्य सभी दैनिक जरूरत की चीजें और खाद्य पदार्थों की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही थीं।

कौशिक ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के दबाव के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई तात्कालिक बढ़ोतरी पर तो कांग्रेस हायतौबा मचा रही है, पर वह यह सत्य और तथ्य हजम नहीं कर पा रही है कि पेट्रोल-डीजल के भाव बढऩे के बावजूद केन्द्र की भाजपा सरकार ने अन्य दैनिक जरूरत की चीजों और खाद्य-पदार्थों की महंगाई को काबू में रखा है।

केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों की पुरजोर सराहना करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने महंगाई दर को 9.6 प्रतिशत से घटाकर 4.2 प्रतिशत पर स्थिर रखा है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के भाव के चलते सन 2013 में दाल 110 रु. प्रति किलो, शक्कर 42 रु. प्रति किलो और प्याज 55 रु. प्रति किलो तक बिका लेकिन मौजूदा केन्द्र सरकार के सख्त रुख के चलते दाल आज 60 रुपए प्रति किलो, शक्कर 35 रुपए प्रति किलो और प्याज 18 रुपए प्रति किलो उपलब्ध है।

यह विश्व स्तर पर भारत की जनकल्याणकारी आर्थिक नीतियों और मजबूत अर्थव्यवस्था का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। कांग्रेस के शासनकाल में 2008 में महंगाई दर 9.4 तथा 2013 में 9.6 फीसदी थी जबकि आज यह दर 4.2 फीसदी है। यही स्थिति जीडीपी की ग्राोथ रेट की है। 2008 में जीडीपी की ग्रोथ रेट 6.7 और 2013 में 4.7 फीसदी थी जो आज बढ़कर 7.7 फीसदी हो गई है और भारत आर्थिक महाशक्ति के तौर पर विश्व में प्रतिष्ठा आर्जित कर रहा है।

कौशिक ने कहा कि मौजूदा केन्द्र सरकार ने ये आर्थिक उपलब्धियां सरकारी खजाने पर कोई भार नहीं डालते हुए अर्जित की है। आज कांग्रेस महंगाई की बात करके लोगों को बरगलाने में इसीलिए जुटी है, क्योंकि कांग्रेस के पास न तो नेतृत्व है, न नीति है और न ही जनकल्याण की नीयत है। मुद्दाविहीन कांग्रेस अब राजनीतिक दोगलेपन पर उतर आई है।

एक ओर कांग्रेस, भाजपा शासित राज्यों में तो वेट टैक्स घटाने की बात कर रही है, पर खुद के राज्यों में वह इस तरह की पहल नहीं करती। उल्टे, कर्नाटक में वेट टैक्स में हुई बढ़ोतरी कांग्रेस के इसी दोगले चरित्र को जाहिर करता है। कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए श्री कौशिक ने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैलाने की राजनीति न करे और तथ्य व सत्य से मुंह न चुराए। भारत बंद की विफलता ने कांग्रेस को सकारात्मक राजनीति करने का सबक दिया है।

Tags
Back to top button