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 मार्च में हो सकता है कांग्रेस में फेरबदल, सभी बड़े नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी 

रायपुर। मार्च के महीने में कांग्रेस में बड़े फेरबदल की अटकलें है. ये बदलाव आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर होने की उम्मीद है। इस वक्त कांग्रेस पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी हैं। सभी बड़े नेताओं को पहले ही जिले की जिम्मेदारी दी जा चुकी है, लेकिन अब विधानसभा क्षेत्रों का बंटवारा किया जाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी ने जिस तरह से हर विधानसभा क्षेत्र में मंथन शिविर लगाया था, उसी तर्ज पर इस बार भी शिविर लगाने की तैयारी है। हर बड़े नेता को शिविर में जाकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉर्मूले पर बूथ, सेक्टर और जोन कमेटियों का गठन तेजी से किया जा रहा है। इन कमेटियों के पदाधिकारियों व सदस्यों को चुनाव की तैयारी किस तरह से करनी है, यह बताने के लिए पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करेगी। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश प्रभारी सचिव अस्र्ण उरांव व कमलेश्वर पटेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर प्रशिक्षण देना संभव नहीं होगा। वहीं अगर, विधानसभा चुनाव बघेल लड़ते हैं तो उन्हें और सिंहदेव को अपनी विधानसभा सीट को भी फोकस करके रखना होगा। ऐसी स्थिति में पार्टी के सभी बड़े नेता डॉ. चरणदास महंत, रविंद्र चौबे, धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर, रामदयाल उईके, कवासी लखमा, डॉ. शिवकुमार डहरिया के अलावा सांसद ताम्रध्वज साहू और छाया वर्मा समेत कुछ और नेताओं को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में प्रशिक्षण शिविर की जिम्मेदारी दी जाएगी। मार्च से अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक प्रशिक्षण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा जाएगा। उसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त बूथ, जोन और सेक्टर कमेटियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता चुनावी अभियान में लग जाएंगे। वहीं जनता के बीच मुद्दा क्या होगा ये तय, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने समिति के सभी सदस्यों को तीन या चार विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी है। सदस्यों को विधानसभा क्षेत्रवार राजनीतिक परिदृश्य, जनता की जरूरतों समेत तमात जानकारियां जुटानी है। इसका मतलब बूथ, जोन और सेक्टर कमेटियों को जनता के बीच रखने का एजेंडा मिल जाएगा।</>
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