प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गौरवशाली भविष्य की तरफ बढ़ती काँग्रेस

काँग्रेस संगठन अब किसी भी मुहिम को धार दे सकता है,

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा

काँग्रेस की सक्रियता से विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ती जा रही है,लगभग 32 वर्षों से प्रदेश की सत्ता से बाहर रहने के बाद काँग्रेस प्रदेश में अपना खोया जनाधार वापस पाने के लिये प्रयासरत है,और इसके लिये सभी जातियों के स्थानीय क्षत्रपों को आगे कर के राजनैतिक समीकरण के साथ वोट का गणित भी सुलझाने में लगी है,काँग्रेस में बदलाव तो उसी दिन दिखने लगा था जब प्रियंका गाँधी राष्ट्रीय महासचिव के साथ साथ उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनायी गयी,

काफी सोच विचार कर तमकुही राज के संघर्षशील विधायक अजय लल्लू को प्रदेश की कमान दी गयी,उसके बाद संगठन को खड़ा करने का मुश्किल काम धीरे धीरे प्रक्रियाओं से गुजर कर अभी तक चल रहा है, इसमें युवाओं का विशेष ध्यान दिया गया,ज्यादातर घोषित किये गये जिलाध्यक्ष 40 वर्ष से कम आयु के है, चयन में उनके संघर्ष के कार्यों को प्राथमिकता दी गयी है,कोरोना महामारी के दौर में प्रियंका गाँधी के दिशा निर्देश पर काँग्रेस संगठन से शानदार कार्य किया है,प्रियंका रसोई के नाम से संचालित कार्यक्रम में हर जिले में जरुरतमंद लोगों को भोजन की व्यवस्था करायी गयी, और इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी आम लोगों के मन मे, इसी बहाने कार्यकर्ताओं की कार्य क्षमता का भी अन्दाजा हो गया और लगा कि काँग्रेस संगठन अब किसी भी मुहिम को धार दे सकता है,

प्रियंका गाँधी ने

प्रवासी मजदूरों को घर पहुँचाने के लिये बसों का प्रस्ताव देकर प्रियंका गाँधी ने यहां भी सरकार से बढ़त ले लिया, इस प्रकरण में जिस तरीके से प्रदेश अध्यक्ष को सरकार ने जेल में रखा उसका संदेश भी प्रदेश के लोंगों में ठीक नही गया, उत्तर प्रदेश काँग्रेस के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी के अनुसार-हमारा उद्देश्य है कि हम प्रदेश की जनता के दुख निवारण के लिये हर संभव प्रयास करें ,”नव भारत टाइम्स के पत्रकार राकेश तिवारी बताते हैं कि काँग्रेस अब जातीय समीकरण साधने में जुटीहै ,जिसमें उसकी निगाह प्रमुख रुप से ब्राह्मण और मुसलमानों के साथ साथ दलित और अन्य छोटी छोटी पिछड़ी जातियों पर है;

असर साफ दिख भी रहा है पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद लगातार हर जिले में वर्चुअल मीटिंग कर रहे हैं, जितिन प्रसाद कहते हैं कि”हमार उद्देश्य राजनैतिक नही है हम समाज के उत्थान की बात कर रहे हैं”लेकिन वास्तविकता से भला कौन अनजान है वाराणसी के पूर्व साँसद राजेश मिश्रा तो सीधे सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ब्राह्मण विरोध का सीधा आरोप लगाते हुये एक टी वी डिवेट में कहते हैं कि”गोरखपुर मठ ही ब्राह्मण विरोध का केन्द्र रहा है”ब्राह्मण युवाओं में सरकार के प्रति गहरी नारजगी देखने को मिल रही है और काँग्रेस अपने इस पुराने वोट बैंक को काफी हद तक साधती दिख रही है,

लखनऊ के के सी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनोज तिवारी ब्राह्मण उत्पीड़न

लखनऊ के के सी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनोज तिवारी ब्राह्मण उत्पीड़न के लिये सीधे सीधे भाजपा सरकार को जिम्मेदार बता रहे है , बतौर तिवारी”योगी जी बतायें कि और जाति के अपराधियों पर अब तक क्या कार्यवाही हुयी”भदोही विधायक विजय मिश्रा का उत्पीड़न भी लोगों की जबान पर है, भाजपा का मूल वोटबैंक रहा ब्राह्मण तेजी से दूर होता दिख रहा है,

गोरखपुर के डाक्टर कफील की रिहाई का अभियान चलाकर प्रियंका गाँधी ने मुसलमानों को अपनी तरफ खींचने में कोई कसर नही छोड़ा , युवा मुस्लिम नेता फिरोज अहमद खान बताते हैं कि-डाक्टर कफील का मुद्दा मुसलमानों की भावना से जुड़ा है और काँग्रेस ने इसमें बढ़त ले लिया है,”मुसलमान सपा से धीरे धीरे दूर हो रहा है,

युवा मुस्लिम विचारक इरफान गाजी के अनुसार

युवा मुस्लिम विचारक इरफान गाजी के अनुसार-आजमखान के लिये सपा की चुप्पी उसे बहुत भारी पड़ेगी” दलित भी मायावती से बहुत दूर हो गया है,चन्द्रशेखर रावण ने काफी नुकसान किया है बसपा के पारंपरिक वोट बैंक का,काँग्रेस के प्रदेश सचिव प्रदीप कोरी के अनुसार -अब दलित अपनी घर वापसी की तरफ है “उनका साफ इशारा दलितों के पुराने घर काँग्रेस की तरफ है, इसी तरह निषाद ,मौर्य ,कुर्मी, मुसहर, कुम्हार,सहित लगभग 10 जातियां काँग्रेस की तरफ जाने की तैयारी में है, प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू की हर मुद्दे पर अति आक्रमकता भी बहुत बड़ा योगदान कर रही है, ऊर्जावान कार्यकर्ता अब हर मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं,महासचिव प्रियंका गाँधी छोटे से छोटे मुद्दे पर सोशल प्लेट फार्म पर लगातार सरकार को घेर रही हैं,

प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू कहते है-हम सच की लड़ाई लड़ते रहेंगे ,सरकार की दमनकारी नीतियों का मुँहतोड जबाब देंगे ,हम यू पी को आदर्श राज्य बनाने के लिये कृत संकल्पित हैं ”

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और प्रियंका गाँधी के विश्वास पात्र और यूपी काँग्रेस के रणनीतिक कमेटी के सदस्य राजीव शुक्ला कहते हैं कि”प्रियँका गाँधी की कार्य शैली सबसे हटकर है,वह किसी के साथ अनन्याय नही बरदाश्त कर सकती,उनके नेतृत्व में निश्चित तौर पर यू पी में काँग्रेस अपना खोया गौरव फिर से वापस पायेगी ”

कुल मिलाकर काँग्रेस जहाँ लगातार लोगों के बीच में अपनी पैठ बढ़ा रही है, वहीं सपा,बसपा के साथ साथ भाजपा के माथे पर चिन्ता की लकीरे बढ़ती जा रही हैं

आश्चर्य नही होगा जब 2022 के चुनावों में काँग्रेस प्रदेश में फिर से काबिज हो जाये, संगठन अगर सही से सक्रिय रहा तो कुछ भी संभव है

 राजेश तिवारी
(लेखक युवा राजनैतिक विश्लेषक हैं)

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