राहुल गांधी की ताजपोशी पर उठे सवाल, कांग्रेसी नेता ने कहा- ‘ये चुनाव इलेक्शन नहीं सलेक्शन’

नई दिल्ली: कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी की ताजपोशी की तैयारियां चल रही हैं. हालांकि ज्यादातर कांग्रेसी उन्हें अध्यक्ष मानकर ही चलते हैं, आधिकारिक घोषणा सिर्फ खानापूर्ति ही है.

लेकिन इस रस्म अदायगी से पहले पार्टी के अंदर विरोध के स्वर फूटने लगे हैं. महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव शहजाद पूनावाला ने राहुल की ताजपोशी पर आपत्ति जाहिर की है.

उन्होंने यहां तक कहा कि पार्टी में एक परिवार में से एक ही व्यक्ति को पद मिलना चाहिए. उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘मुझे जानकारी मिली है कि पार्टी प्रतिनिधि अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोट देने जा रहे हैं. यह तो पहले से ही तय है, फिर वोट डालने का पाखंड क्यों?’ उन्होंने कहा कि सच बोलने पर उन पर हमले किए जाएंगे. लेकिन इसके लिए वे तैयार हैं.

शहजाद पूनावाला के इस बयान के बाद कांग्रेस में हलचल मच गई है. पार्टी सूत्रों की मानें तो कई नेताओं ने पूनावाला की बात का समर्थन किया है, लेकिन सामने आने की हिम्मत किसी में नहीं हैं. इससे पहले भी कई नेता राहुल गांधी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं.

बता दें कि अगस्त में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि राहुल को जिम्मेदारी देने का समय आ गया है. पार्टी में भी काफी समय से उनको अध्यक्ष बनाए जाने की मांग चल रही थी.

पिछले महीने तो कई राज्यों की कांग्रेस इकाइयों ने प्रस्ताव भेजकर बकायदा राहुल की ताजपोशी की मांग उठाई थी. इनमें मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस इकाई ने पहल की थी.

चुनाव की तैयारियां: दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में इस दिनों राहुल को अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारियां चल रही हैं. यह एक चुनावी प्रक्रिया के तहत होगा. नामांकन शुक्रवार यानी एक दिसंबर से भरे जाएंगे.

सूत्र बताते हैं कि राहुल 3 दिसंबर को नामांकन दाखिल करेंगे. केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन पूरी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने प्रदेश के रिटर्निंग अफसरों के साथ मुलाकात भी की है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अप्रैल में मधुसूदन मिस्त्री को पार्टी की केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) का सदस्य नियुक्त किया था. कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन और मिस्त्री के अलावा भुवनेश्वर कलिता को भी इसमें शामिल किया गया है.

सीईए पर ही संगठनात्मक चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है. हालांकि राहुल निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे. अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के लिए प्रदेश कमेटी के 10 प्रतिनिधियों के समर्थन की जरूरत होती है.

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