सीडी काण्ड मामले पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

रायपुर: सीडी मामले में पत्रकारों को नोटिस क्यों दिया जा रहा है? सीबीआई पत्रकारों को डराने की कोशिश कर रही है। ये बातें शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पत्रकारवार्ता कही । उन्होंने प्रदेश के सीएम से सीधा सवाल दागा कि क्या सीडीकांड ही सरकार का ब्रम्हास्त्र है? उन्होंने आरोप लगाया है कि सीबीआई की जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि सीडी किसने बनाई इस मामले की पड़ताल क्या हो रही है? समाचार माध्यमों से पता चलता है कि सीबीआई पत्रकारों से पूछती है कि भूपेश बघेल के बंगले पर किसने बुलवाया? भूपेश बघेल के घर पर कौन-कौन था यह सारे प्रश्न गहरी साजिश की ओर इशारा करते है। क्या पत्रकारों से चर्चा करना गुनाह है? क्या भूपेश बघेल के निवास पर जाना अपराध है? इस तरह के सवालों से साफ होता है कि विपक्ष की आवाज को दबाने सीबीआई का दुरुपयोग करने का षडय़ंत्र किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने 2013 में ब्रम्हास्त्र चलाने की बात हुई तो झीरम घाटी की घटना हुई। ब्रम्हास्त्र चलता है तो बहुतों को मारकर आता है। झीरम में यही हुआ। झीरम में हमने देखा शहीद परिवारों के निवेदन के बाद भी झीरम मामले जांच नहीं हो रही है। सीडी कांड में भी अनेकों पत्रकारों को नोटिस दिया गया। एक पत्रकार विनोद वर्मा दो महीने से जेल में हैं। सीडी कांड में कौन मौजूद थे? यह पूछा जा रहा है। सीडी किसने बनाई? सीडी को लेकर महीनों से कौन घूम रहे थे? यह पता नहीं चलने के कारण आशंका है कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है।

वह भाजपा नेता, जिसका सीडी कांड में नाम आया है। वह सीएम आवास भी जाता रहा है, इसका रिकार्ड में उल्लेख है। जांच की दिशा से स्पष्ट है कि, हमने क्यों न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की थी। 156-3 का आवेदन विनोद वर्मा ने देकर कहा था कि झीरम की कई जानकारियां मेरे पास है। सीडी बनाने की साजिश करने वालों की जांच नहीं की जा रही है। सीडी के संज्ञान में होने का उल्लेख कांग्रेस ने किया।

एसआईटी पर भी लगाए संगीन आरोप :

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्मा के घर एसआईटी के लोग एक थैले में सीडी लेकर गए थे। प्रकाश बजाज को किसने फोन किया यह अब तक पब्लिक डोमेन में नहीं आया है? कांग्रेस फिर से मांग करती है न्यायाधीश की देखरेख में जांच की जाए। बीजेपी की दोनों सरकारों से मांग है असली षडय़ंत्रकारी को पकड़ा जाए। पत्रकारों से चर्चा करना अपराध नहीं है।
156-3 के आवेदन में सीसीटीवी फुटेज दी थी। इसमे थैला और कार्टून का उल्लेख है।

इसका जवाब अब तक नहीं आया। केवल नकारा गया है। सीसीटीवी की फुटेज आवेदन के साथ अदालत में जमा है। इसकी जांच भी सीबीआई नहीं कर रही है। अन्तागढ़ और झीरम की जानकारी विनोद वर्मा के पास थी। 26 अक्टूबर से दो दिन पहले बीजेपी नेता ने विनोद वर्मा से दिल्ली में मुलाकात की। यह प्लान क्रिमिनल अफेन्स है। बीजेपी नेता के पीछे मंत्री हैं या कौन है यह पता चलना चाहिए। पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, पूर्व महापौर किरणमयी नायक भी उपस्थित थे।

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