लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र बनाने में सबकी राय ले रही कांग्रेस

रायपुर।

विधानसभा चुनाव में जन घोषणापत्र के बूते बड़े संख्याबल के साथ सत्ता में आई कांग्रेस यही फार्मूला लोकसभा चुनाव में भी आजमाने जा रही है। कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए भी लोगों की राय से घोषणापत्र तैयार करने में जुट गई है।

रायपुर के एक निजी होटल में शनिवार 11.30 बजे से एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया के मुख्य आतिथ्य में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र जन आवाज चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस मौके पर जन घोषणापत्र के लिए सुझाव लेने के लिए कोल्लम जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष बिंदू कृष्ण, एआइसीसी के कोआर्डिनेटर अमोद देशमुख के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले के. राजू भी मौजूद रहेंगे।

आयोजन के प्रथम सत्र में हेल्थ केयर, कुपोषण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खराब कामकाज, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्यान्वयन, भुखमरी से होने वाली मौतों, स्वास्थ्य सेवाओं तक आम आदमी की पहुंच, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण, आयुष्मान भारत मिशन की समस्याओं सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के संबंध में भी घोषणापत्र समिति आम

दोपहर 2.30 बजे समिति वरिष्ठ नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों से भी घोषणापत्र पर राय लेगी। आयोजन में मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, सीडब्ल्यूसी सदस्य, प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति के अध्यक्ष एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी सहित अन्य कांग्रेस नेता निमंत्रण पर उपस्थित रहेंगे।

देश में 150 जगहों पर होंगे आयोजन

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि जनआवाज के माध्यम से कांग्रेस समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर उनसे सुझाव लेना चाहती है। इसके लिए देश भर में 150 से अधिक स्थानों पर जन समुदाय और विभिन्न् संगठनों के लोगों से मिलने का कार्यक्रम बनाया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा और उनका दृढ़ विश्वास है कि एक राजनीतिक दल को संवेदनशीलता से देश की जनता की आवाज को सुनना चाहिए। दुर्भाग्य से आज सत्तारूढ़ एनडीए सरकार लोगों की आवाज को न सिर्फ कुचल रही है बल्कि जन भावना का दमन भी कर रही है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीने में कांग्रेस की मेनिफेस्टों समिति के 20 समूहों में बंटे सदस्य सार्वजनिक चर्चा, बैठक, विभिन्न् क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर उनकी राय जानेंगे।

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