राजनीति

सोमनाथ में राहुल की गलती कांग्रेस की सॉफ्ट हिंदुत्व रणनीति के लिए झटका?

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का सोमनाथ मंदिर के गैर हिंदू वाले रजिस्टर में साइन करना कांग्रेस के लिए भारी पड़ता दिख रहा है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमले करने के लिए अपने सभी घोड़े खोल दिए हैं और कांग्रेस के लिए इस पर बचाव करना मुश्किल हो रहा है.

इस बार के गुजरात विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व की रणनीति बनाई थी. राहुल अब तक तकरीबन 20 से ज्यादा मंदिरों में मत्था टेक चुके हैं, लेकिन गैर हिंदू वाले रजिस्टर में साइन करने की एक गलती ने कांग्रेस की सॉफ्ट हिंदुत्व वाली रणनीति में सुई चुभो दी है.

दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी अब प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भले ही सफाई दे रही हो, लेकिन रजिस्टर में किया गया हस्ताक्षर अब सामने है और इसे झुठलाया नहीं जा सकता. भले ही यह कांग्रेस नेताओं की गफलत का नतीजा हो.

बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी चुनावी हलफनामे में खुद को कुछ और बताते हैं और सोमनाथ मंदिर में कुछ और बताया है. हिंदुत्व की राजनीति की उस्ताद बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी ने अपने धर्म का खुलासा कर दिया है. उन्हें अपना धर्म बताना चाहिए और ऐसे में सोमनाथ के गैर हिंदू वाले रजिस्टर में हस्ताक्षर करना सवाल खड़े कर गया है.

गुजरात की राजनीति में धर्म एक अहम कारक है. पिछले 22 सालों से बीजेपी ने गुजरात को हिंदुत्व की प्रयोगशाला के रूप में स्थापित किया है. इस प्रयोगशाला में धर्म एक उत्प्रेरक की भूमिका में है. इस बात को याद रखा जाना चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को सबसे हिंदू दिखाते रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी सार्वजनिक तौर पर देश और दुनिया के मंदिरों में जाकर नरेंद्र मोदी सिर नवाते रहे हैं. चाहे वो नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर हो या केदारनाथ मोदी रुद्राक्ष माला पहनकर और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर मंदिर-मंदिर घूमते रहे हैं.

राहुल गांधी के गुजरात में मंदिर-मंदिर घूमने से बीजेपी असहज नजर आ रही थी और सोमनाथ रजिस्टर में की गई गलती राहुल के प्रयासों पर पानी फेरती दिख रही है. बीजेपी को यह कहने का मौका मिल गया है कि राहुल गांधी अपना धर्म सार्वजनिक करें. बता दें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद को शिवभक्त बताते रहे हैं.

इससे पहले भी गांधी परिवार के लोगों के धर्म को लेकर बीजेपी नेता सवाल उठाते रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के धर्म और विदेशी मूल पर तो खासा बवाल मच चुका है. ऐसे में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को इस तरह की गलतियों से बचना चाहिए.

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