कांग्रेसियों ने कहा-एएसपी ने पुलिसवालों के साथ मिलकर बरसाईं थी लाठियां

बिलासपुर।

तत्कालीन एएसपी नीरज चंद्राकर एवं सिविल लाइन थाने के प्रधान आरक्षक हरनारायण पाठक और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने कांगे्रस भवन के भीतर घुसकर कांगे्रस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर जानलेवा,बर्बरता एवं क्रूरता से लाठियां बरसाई थी। इससे अनेक कांगे्रसी घायल हुए थे।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उइके के न्यायालय में सोमवार को लाठीचार्ज की दंडाधिकारी जांच में ऐसा ही पहला बयान दर्ज कराया गया।

बयान दर्ज कराने वाले कांगे्रसजनों में प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, शहर कांगे्रस अध्यक्ष नरेंद्र बोलर ,संस्कार पांडेय, विजय उर्फ विक्की आहूजा, डॉ. तरू तिवारी, संदीप बाजपेयी, पंचराम सूर्यवंशी, चंद्रप्रदीप बाजपेयी, भरत दुरियानी शामिल रहे।

2 बयान देने नहीं पहुंचे

जिला कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी एवं शहर कांगे्रस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह सोमवार को एडीएम कोर्ट नहीं पहुंचे। इन दोनों कांगे्रसजन के शहर से बाहर होने की वजह से बयान दर्ज नहीं करा सके।

दो घंटे से अधिक चला बयान

कांगे्रसजनों का बयान सोमवार एडीएम कोर्ट में दो घंटे से अधिक चला। औसतन एक कांगे्रसी का बयान दर्ज करने में लगभग पंद्रह मिनट का समय लगा।
दंडाधिकारी न्यायालय में नामजद बयान: सभी कांगे्रस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दंडाधिकारी न्यायालय में बयान के दौरान तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर एवं वर्तमान में सिविल लाइन थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक हरनारायण पाठक खिलाफ नामजद बयान दर्ज कराया है। इसके साथ ही अन्य पुलिस कर्मचारियों के लाठी चलाने की बात कहीं गई है।

3 माह में किसी का बयान नहीं था हुआ

दंडाधिकारी जांच के कार्यकाल की समय सीमा तीन माह तय की गई थी। इस अवधि में किसी का बयान दर्ज नहीं हो पाया था। इसलिए तत्कालीन कलेक्टर ने जांच अवधि की समय सीमा तीन माह के लिए और बढ़ा दी थी। चौथे माह में अब जाकर लाठीचार्ज मामले में पहला बयान दर्ज हो सका।

ये है मामला

भाजपा के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के घर का घेराव 18 सितंबर 2018 को किया था। प्रदर्शन करने वाले सभी कांगे्रसी वापस कांगे्रस भवन गए। वहां पर एकत्र कांगे्रसजनों पर कांगे्रस भवन में घुसकर तत्कालीन एएसपी नीरज चंद्राकर, प्रधान आरक्षक हरनारायण पाठक समेत अनेक पुलिस कर्मियों ने ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई थी। इससे अनेक कांगे्रसी घायल हो गए थे।

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