राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण एवं धुम्रपान के प्रति लोगों को किया जागरूक

रोशन सोनी

अम्बिकापुर।

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण एवं धूम्रपान से संबंधित कोटपा एक्ट 2003 में पारित किया है। जिसके अन्तर्गत तम्बाकू के खुले बिक्री पर पूर्णता प्रतिबंध, तम्बाकू संबंधित उत्पाद के पैकेट पर 85 प्रतिशत भाग पर चित्रात्मक वैधानिक चेतावनी, नाबालिग को तम्बाकू उत्पादों के बिक्री व खरीदी पर दण्डात्मक कार्रवाई शिक्षण संस्थान के 100 गज दायरे पर तम्बाकू बिक्री पर दण्डात्मक कार्यवाही तम्बाकू उत्पादों के बिक्री स्थल पर 2 बोर्ड का होना अनिवार्य किया गया है।

कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने लोगों से कोटपा एक्ट का नियमानुसार पालन करने के निर्देश दिये हैं। छत्तीसगढ़ शासन के दिशा निर्देशानुसार कोटपा एक्ट के उल्लंघन पर कड़ी वैधानिक कार्यवाही किया जाना है।

इसके तहत स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पुलिस के समन्वय से कोटपा एक्ट का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। इस एक्ट के पालन के लिए विकासखण्ड स्तर पर भी वैधानिक कार्यवाही के लिए दल का गठन किया जा रहा है। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण एवं धुम्रपान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला मुख्यालय में 26 एवं 27 सितम्बर को कार्यशाला का आयोजन किया गया।

डॉ. अमिन फिरदौसी बताया है कि कार्यशाला के प्रथम दिवस कोटपा एक्ट से संबंधित विभिन्न विषयों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। मनोरोग विशेषज्ञ सहायक प्राध्यापक डॉ संदीप द्वारा तम्बाकू के नशे के उपचार के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही श्वास एवं फेफड़े रोग विशेषज्ञ डॉ रोशनलाल वर्मा के द्वारा धुम्रपान से फेफड़े पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव व रेस्पाईरोमीटर से जांच का प्रर्दशन किया गया।

द्वितीय दिवस 27 सितम्बर 2018 को अम्बिकापुर के बस स्टैंड, केदारपुर, स्कूल रोड, मिशन चौक, समेत कई क्षेत्रों में कोटपा एक्ट का उल्लंघन करने वाले 19 दुकानदारों के विरूद्ध चलान की कार्यवाही की गई। कार्यशाला में उपस्थित लोगों द्वारा तम्बाकू का प्रयोग नहीं करने तथा दूसरों को भी नहीं करने हेतु प्रेरित करने की शपथ ली गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता सहित स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Back to top button