छत्तीसगढ़

कटघोरा वन मण्डल में लगातार हो रही वन्यप्राणियों की मौत,फिर हुई एक वयस्क तेंदुए की मौत

वनमंडलाधिकारी शमा फारूकी एक्टिव मोड़ पर,वन्यप्राणियों की लगातार की जा रही सर्चिंग।

अरविन्द 

कटघोरा (क्लिपर 28 अरविंद शर्मा) : वन मण्डल कटघोरा में इन दिनों लगातार वन्यप्राणियों की एकाएक मौत के आकड़ो ने वन मण्डल की नींद उड़ा दी है।बीते दिनों केंदई रेंज में दो नन्हे हाथी शावकों की मौत के बाद अब जड़गा रेंज में एक वयस्क नर तेंदुए की मौत हो गई है।बड़ा सवाल ये है कि आखिर कटघोरा वन मण्डल में इन दिनों लगातार वन्यप्राणियों की मौत के पीछे क्या वजह हो सकती है?क्या वन मण्डल के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पालन सही तरीके से नही कर रहे हैं,या वन्यप्राणियों की मौत किसी प्राकृतिक घटना का हिस्सा है।

खैर वजह जो भी हो पर कटघोरा डीएफओ शमा फारूकी ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी निभाया है, ऐसी घटनाओ की सूचना मिलने पर तत्काल फारूकी जी टीम तैयार करती है और स्वयं भी टीम का हिस्सा बन कर घटना स्थल पर पहुचकर उन वन्यप्राणियों की मौत का कारण जानने का प्रयास करती है तथा अपने अधीनस्थ रेंजरों को निर्देशित भी किया है कि वन कर्मचारियों से वनों में गस्त बढ़ाये और वन्यप्राणियों की जानकारी मुहैया कराए।

रावा के जंगलों में तेंदुए की मौत

कटघोरा वनमंडल के अधीनस्थ जड़गा रेंज के अंतर्गत ग्राम रावा के जंगलों में तेंदुए के मौत की सूचना मिली थी।सूचना मिलते ही पूरा वन अमला हरकत में आया और डीएफओ शमा फारूकी के निर्देशन में एसडीओ अरविंद तिवारी की अगुवाई में जड़गा रेंजर सहित बड़ी मात्रा में वनकर्मी टीम बनाकर घटना स्थल के लिए रवाना हो गए।

दरअसल स्थानीय ग्रामीण ने सुबह बिटगार्ड को सूचना दी थी कि ग्राम रावा के समीप जंगल मे तेंदुए की सड़ी गली लाश देखी गई है।सूचना के अनुसार बिटगार्ड ने मौके का मुआयना कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जिस पर वन अमला घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। मुख्यमार्ग से घटना स्थल पहुचने का मार्ग करीब दस किलोमीटर का उबड़ खाबड़ था जो कि बेहद दुर्गम जंगलो से घिरा होने के साथ जटिल पथरीले रास्तो से भरा था।इन जंगलो में बिना जानकारों के प्रवेश करना आसान नही होगा।

दुर्गम वनों में गश्त

वनकर्मियों के साहस का परिचय है कि ये इन दुर्गम वनों में गश्त कर अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हैं।बीहड़ जंगलो के बीच दुर्गम रास्तो का सफर तय कर वनकर्मियों की टीम उस घटना स्थल पर पहुची जहाँ,एक वयस्क नर तेंदुए ने अपने प्राण त्याग दिए थे।प्रथम दृष्टया तेंदुए के शव को देखने पर यह प्रतीत हो रहा था कि ये घटना करीब दो तीन दिन पहले की है चूंकि तेंदुए के शव से बदबू आ रही थी।

अब तेंदुए की मौत किन कारणों से हुई यह तो पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगी, बाकी कयास लगाए जा रहे हैं कि तेंदुआ घायल अवस्था मे इस स्थान पर पहुँचा होगा और जख्मी होने की वजह से आगे का सफर तय नही कर पाया और यही उसके प्राण पखेरू हो गए,या किसी तरह के पॉयजन या प्राकृतिक घटना का शिकार हो गया होगा,अब कयासों का क्या है ये तो अंधेरे में तीर मारने वाली बात रहती है।असलियत क्या है ये तो फारेस्ट की एक्सपर्ट टीम ही बता पाएगी।

मौके पर उपस्थित अधिकारियों के समक्ष पंचनामा कार्यवाही की गई तथा उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।

कटघोरा वनमण्डलाधिकारी शमा फारूकी भी वन्यप्राणियों की एकाएक मौत को लेकर चिंचित हैं और इन मौतों का कारण जानने का भरसक प्रयास कर रही हैं।फारूकी जी ने बताया कि वन्यप्राणियों की लगातार हो रही मौत को लेकर रायपुर से एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम बुलाई गई है जो कि वनों में जाकर वन्यप्राणियों की सर्चिंग कर जानकारियां इकट्ठा करेंगे और उनका हालचाल जानेंगे। कटघोरा वनमंडल एक बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है और यहाँ वनों में कई तरह के वन्यप्राणियों का बसेरा है।

वनकर्मी भी समय समय पर लगातार वनों का सर्च कर वन्यप्राणियों की जानकारी लेते रहते हैं।अब वन्यप्राणी अचानक प्राकृतिक घटना या अनचाहे हादसे का शिकार हो जाये, तो सीधे तौर पर वनमण्डलाधिकारी पर आरोप लगाना भी उचित नही माना जा सकता।जबकि वनमंडलाधिकारी को सूचना मिलते ही तत्काल टीम बनाई जाती है और उस टीम में शमा फारूकी स्वयं हिस्सा बनती हैं तथा घण्टो रुककर उन तमाम हालातो का जायजा लेती है व ऐसी दुर्दांत घटनाओं की रोकथाम हो सके उसके लिए लगातार प्रयासरत भी हैं,इन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी वनों में लगातार सर्चिंग के आदेश दिये हैं।

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