छत्तीसगढ़

बिना अनुमति के धान आयात को रोकने सीमावर्ती जिलों में सतत निगरानी करें : मंत्री भगत

धान खरीदी के लिए समय पूर्व पूरी तैयारी करने के निर्देश

  • राज्य में धान खरीदी व्यवस्था निरीक्षण के लिए गठित होगा दल
  • केन्द्र से छत्तीसगढ को अब तक केवल 77 हजार गठान मिले नये बारदाने
  • धान खरीदी के लिए लगभग 4.75 लाख गठान बारदानें की जरूरत
  • राज्य सरकार द्वारा 70 हजार गठान प्लास्टिक के नये बारदानों की खरीदी के लिए कार्यादेश जारी
  • पीडीएस के एक लाख गठान बारदानों का उपयोग होगा धान खरीदी में
  • खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत ने की धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा

रायपुर 23 नवम्बर 2020 : खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित अधिकारियों की बैठक में धान खरीदी की व्यवस्था की समीक्षा की। भगत ने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी शुरू होने से पहले खरीदी के लिए बारदाना, चबूतरा निर्माण, किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था कर लिए जाए। कांटा-बाट की समुचित व्यवस्था एवं उसका सत्यापन भी करा लिए जाए।

भगत ने राज्य के सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर धान खरीदी के संबंध में बातचीत की और अन्य राज्यों से आने वाले अवैध धान को रोकने के लिए कड़ा इंतजाम करने के निर्देश दिए है। भगत ने कहा कि धान खरीदी के लिए किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।

भगत ने कहा

भगत ने कहा कि राज्य स्तर पर खाद्य विभाग सहित धान खरीदी से संबंधित विभागों के अधिकारियों का एक दल गठित किया जाए। जो राज्य भर के खरीदी केन्द्रों में जाकर धान खरीदी का निरीक्षण और मोनिटरिंग करेगा। खासकर सीमावर्ती जिलों में जाकर अवैध धान के आवक को रोकने के लिए किए गए इंतजाम का निरीक्षण करेगा।

मंत्री  भगत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों से धान खरीदी के लिए 3 लाख 50 हजार गठान बारदानें उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को आपूर्ति की जाने वाली बारदानें में 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए केवल एक लाख 43 हजार गठान नये बारदानें की आपूर्ति करने की सूचना जूट कमिश्नर के माध्यम से दी गई है और अब तक राज्य को केवल 77 हजार गठान बारदानें ही प्राप्त हुए है।

भारत सरकार द्वारा बारदानों की आपूर्ति

भारत सरकार द्वारा बारदानों की आपूर्ति में भारी कटौती करने के कारण राज्य में धान खरीदी प्रभावित न हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 70 हजार एचडीपीई, पीपी के नये बारदानें खरीदी के लिए कार्यादेश जारी किया गया है। इसके अलावा पीडीएस सिस्टम का एक लाख गठान बारदानें और मिलरों से दो लाख बारदानों की पूर्ति धान खरीदी के लिए की जाएगी।

भगत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में लगभग 90 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी होना अनुमानित है। धान उपार्जन के लिए 4 लाख 75 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता संभावित है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के लिए जूट कमिश्नर कोलकोता से एक लाख 45 हजार गठान बारदाने उपलब्ध होगा।

राज्य सरकार के पीडीएस सिस्टम से एक लाख बारदानें की व्यवस्था धान खरीदी के लिए होगी। इसके अलावा दो लाख गठान बारदानें मिलरों से प्राप्त करने का लक्ष्य है। धान खरीदी के लिए शेष बारदानों की पूर्ति राज्य सरकार द्वारा 70 हजार प्लास्टिक बैग खरीद कर की जाएगी।

बैठक में खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना, विशेष सचिव खाद्य मनोज कुमार सोनी, नान के एमडी निरंजन दास, मार्कफेड के एमडी अंकित आनंद, नाप-तौल विभाग के संचालक शिखाराजपूत तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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