आरंग के खमतराई स्कूल में संविधान दिवस मनाया गया

दीपक वर्मा 
आरंग: ग्राम पंचायत खमतराई में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की याद में संविधान दिवस की 70 वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया | कार्यक्रम की मुख्यअतिथि गांव की प्रधान यशस्वी मालती नरसिंग लहरीजी के सानिध्य में सम्पन्न हुआ.

डॉ.साहब समाज सुधारक , राजनीतिग्य , अर्थशास्त्री , वकील , लेखक , चिंतन , दार्शनिक , सांसद , मंत्री , लोकप्रिय , विधिवेत्ता , व संविधान निर्माता ऐसे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि ने अपने उद्बोधन में बाबा साहब के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ. अंबेडकर का जन्म म. प्र. के छोटे से गांव महू नामक स्थान में दिनांक 14 अप्रैल 1891 को हुआ था उनके पिता रामजी के वल्द मैलोजी सकपाल महू में सुबेदार के पद पर एक सैनिक अधिकारी थे. माताजी का नाम भीमाबाई थी. डॉ. साहब अपने माता – पिता के 14 वीं व अंतिम संतान के रुप में पैदा हुए थे.

प्राथमिक शिक्षा दापोली और सतारा में हुआ, बाब साहब बचपन से ही विपुल प्रतिभा के रूप में जाना जाता हैं, सन् 1912 में मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास की  सन् 1916 में कोलम्बिया विश्वविद्यालय अमेरिका से ही पी. एच. डी. की उपाधी प्राप्त की, उन्होने दलित बौध्द आंदोलन को प्रेरित किया और अछूता (दलितों ) से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था |

श्रमिकों, महिलाओं के अधिकारो का समर्थन किया  समता, समानता, बन्धुता एवं मानवता आधारित भारतीय संविधान को 02 वर्ष ,11 महीने और 17 दिन के कठिन परिश्रम से तैयार कर 26 नवंबर 1949 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सौंप कर देश के समस्त राष्ट्रीय एकता ,अखंडता और भारतीय संस्कृति को अभिभूत किया,

जनवरी 1949 में कानूनमंत्री के रूप में विदेश यात्रा की | अंबेडकर जी के पास 32 डिग्रीयां, 09 भाषाओं के जानकर थे | संस्कृत पढ़ने पर मनाही होने से वह फारसी लेकर उत्तीर्ण हुए | उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नही होने की वजह उन्हें कई मुश्किलो का सामना भी करना पड़ता था |वे महार जाति से ताल्लुक़ रखते थे जिसे हिन्दू धर्म में अछूत माना जाता था,

विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं यह हस्तलिखित संविधान हैं | हमारा संविधान लचीला हैं | संविधान समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर जी थे इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, जे. बी. कृपलानी, राजेन्द्र प्रसाद, एस. एच. वर्धाचारियर, मुंशी एन.माघवराज,टी.टी कृष्णामाचारी, डी. पी. खेतान, अल्लादी, कृष्णा स्वामी अरयर, मो. सादुल्ला आदि शामिल थे |

भारतीय संविधान के शिल्पकार *भारतरत्न ” डॉ. बाबा साहब अंबेडकर जी ने कहा हैं :- ” मेरे नाम की जय – जयकार करने से अच्छा मेरे बताएं हुए रास्ते पर चले ” | डॉ. साहब देश सेवा करते – करते 06 दिसम्बर 1956 को स्वर्ग सिध्दार्थ हो गए |

कार्यक्रम में उपस्थित भोलाराम साहू (उपसरपंच) ,नरसिंग लहरी ( सरपंच प्रतिनिधि ),कल्याण डाहरिया (पंचा. सचिव) ,  चिंताराम बेलगहे ( शिक्षाविद्) ,अश्वनी साहू ( रोज. सहा.), गुलाब यादव (बूथ अध्यक्ष ), शिवदास मानिकपुरी, ( ग्राम कोटवार),लखन साहू, पुनौतिन यादव (आ. बा. कार्य.), याददास मानिकपुरी, पोषण साहू , धर्मेन्द्र साहू , बलराम साहू,  पप्पू यादव आदि ग्रामवासी उपस्थित रहें और संविधान की रक्षा करने का संकल्प लिया गया |

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