संविधान से ही मिटेगी भारत और इंडिया के बीच की हर दूरी : न्यायाधीश

संविधान से ही मिटेगी भारत और इंडिया के बीच की हर दूरी : न्यायाधीश

रायपुर : हमारे देश को भारत और इंडिया दो नामों से जाना जाता है । बड़े बडे़ महानगरों में इंडिया नजर आता है और छोटे कस्बों, गांव और आर्थिक और सामाजिक विषमताओं को झेलने वालों में भारत नजर आता है। समय के साथ साथ इस इंडिया और भारत में लगातार दूरी बढ़ती चली जा रही है।

लोगों के बीच आपसी असमानता गंभीर समस्या बनती जा रही है जिससे समाज में अपराध और अनाचार बढ़ रहा है भारतीय संविधान के विविध प्रावधानों से ही इस इंडिया और भारत के बीच की खाई को कम किया जा सकता है। इसलिए हम सभी को चाहिए कि, हम हमारे संविधान के आदर्शों और मूल्यों का महत्व समझे और उनका गंभीरता से पालन करें।

ये बातें रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुमार तिवारी ने न्यायालय परिसर में आयोजित संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। जिला न्यायालय परिसर रायपुर में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुमार तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में भारतीय संविधान के विभिन्न पहलूओं पर चर्चा की गयी। संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से वाचन किया गया।

प्राधिकरण के सचिव उमेश उपाध्याय ने संविधान निर्माण के इतिहास और संविधान दिवस से संबंधित कार्यक्रम का परिचय दिया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र महापात्र ने कहा कि, हम भारत के लोग संविधान का मूल स्रोत है ओर तमाम तरह के भेदभाव और अंतर भूलकर हम सबको यही याद रखना चाहिए कि, मै या तुम के स्थान पर हम भारत के लोग ही इस देश की बड़ी पूंजी है और हमें हमेशा एक होकर इस देश के लिए कार्य करना चाहिए।
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