राजस्व अधिकारियों सहित नोडल अधिकारियों को सभी उपार्जन केन्द्रों पर सतत मानिटरिंग करने के निर्देश

.खरीदे गए धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करें, उसके लिए कैप आदि पर्याप्त संख्या में रखवाएं

मनोज मिश्रा

महासमुंद।

कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 हेतु जिले के धान उपार्जन केन्द्रों द्वारा धान खरीदी की जा रही है। बारिश एवं खराब मौसम के कारण धान उपार्जन प्रभावित नहीं हो इसके लिए सभी नोडल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर धान उपार्जन केन्द्रों सहित संग्रहण केन्द्रों का मुआयना करें।

धान उपार्जन केन्द्रों सहित संग्रहण केन्द्रों में वहां की सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को देखे, डेनेज व्यवस्था के साथ नालियों की व्यवस्था भी देखे। जहां व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी हो, उसे तत्काल दूर करें। खरीदे गए धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करें, उसके लिए कैप आदि पर्याप्त संख्या में रखवाएं। इसके अलावा उपार्जित धान के परिवहन की व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करें। धान खरीदी निर्वाध गति से होता रहे इसके लिए राजस्व अधिकारियों सहित खाद्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी विशेष रूप ध्यान रखे।

धान खरीदी के संबंध में उन्होंने आगे कहा कि राजस्व अधिकारियों सहित नोडल अधिकारी, मार्कफेड, मंडी एवं अन्य विभागों के अधिकारी विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी करें, ताकि अन्य राज्यों से यहां धान नहीं आने पाए। इसके अलावा उन्होंने फसल कटाई प्रयोग की एंट्री पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने बैठक में सोसायटियों द्वारा की गई धान खरीदी एवं उसकी सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बताया गया कि सोसाटियों में पॉलीथिन एवं कैप कव्हर की व्यवस्था भी की गई है। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों पर सतत निगरानी एवं मानिटरिंग के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों सहित राजस्व अधिकारियों को विशेष तौर से निर्देशित किया है।

उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों सहित संग्रहण केन्द्रों का लगातार दौरा कर स्थिति को देखे और किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो उसका निराकरण करें। कलेक्टर ने कहा कि असामययिक हुई वर्षा से रबी फसल को किसी प्रकार का कोई नुकसान हुआ हो तो उसकी जांच करा ले। यदि कही राजस्व पुस्तक 6-4 के तहत किसी प्रकार की प्रकरण बनते हो तो उसे भी देख ले। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग के अधिकारी को भी उद्यानिकी से संबधित फसलों की हुई क्षति के संबंध में जानकारी तैयार करने निर्देशित किया।

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर कहा कि बेमौसम बारिश एवं उससे उत्पन्न शीत लहर को देखते हुए तहसीलदार एवं नगरीय निकायों के सीएमओ, रैन बसेरा सहित बस स्टैंड आदि स्थानों पर वन विभाग के सहयोग से अलाव जलाने की पर्याप्त व्यवस्था भी करें। समय-सीमा की बैठक में उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 के प्रकरण किसी भी स्तर पर लंबित नहीं रहना चाहिए, इसके लिए राजस्व अधिकारी सतत समीक्षा करें, इसके अलावा सड़क दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों के भी निराकरण शीघ्र कराए। बैठक में उन्होंने राजस्व, भू-अभिलेख, डिजीटल सिग्नेचर आदि की जानकारी ली।

उन्होंने कृषि फसल बीमा, स्वास्थ्य, वाटर शेड के कार्य, विभिन्न योजनाओं के तहत संचालित निर्माण एवं विकासमूलक कार्यों की समीक्षा की। इसके अलावा अंत्यावसायी, बैंकों की आरआरसी, वसूली सहित विभिन्न आयोगो से प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की भी जानकारी ली। उन्होंने इसे प्राथमिकता आधार पर निराकरण के लिए निर्देशित किया है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर शरीफ मोहम्मद खान, संयुक्त शिवकुमार तिवारी, अनुविभागीय अधिकारीगण सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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