कोरोना महामारी की इस संकट की घड़ी में उद्योगपति रतन टाटा का योगदान

केंद्र सरकार को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में की 2000 करोड़ की राशि सहायता

नई दिल्ली: कोरोना रूपी महामारी ने पूरे विश्वभर में तबाही मचा रची है. इस महामारी ने आम लोगों की जिंदगी में भारी तहलका मचा रखा है. जहाँ एक तरफ यह महामारी अपने पांव पसारे हुए है वहीँ दूसरी तरफ इनके रोकथाम व इससे निपटने के लिए कई अहम कार्य किये जा रहे हैं. वहीँ इस महामारी के खिलाफ देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने भी संकल्प ले लिया है और कई अहम योगदान भी दे रहे हैं जो ये हैं:

विस्तारा द्वारा डॉक्टर, नर्स सहित मेडिकल स्टॉफ को मुफ्त ट्रेवलिंग

विस्तारा द्वारा डॉक्टर, नर्स सहित मेडिकल स्टॉफ को मुफ्त ट्रेवलिंग

टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड विस्तारा ने कोरोना काल में मदद का हाथ बढ़ाते हुए इस मुश्किल दौर में डॉक्टर, नर्स सहित मेडिकल स्टॉफ को मुफ्त में ट्रेवलिंग करने की सुविधा दी है. इसके तहत सभी सरकारी संस्थाओं और अस्पतालों का एयर लॉजेस्टिक और सभी डॉक्टर और नर्स मुफ्त में एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे.

भारत का 13वां यूनिकॉर्न बना रतन टाटा की मोग्लिक्स

Moglix

रतन टाटा के निवेश और सपोर्ट वाला स्टार्टअप मोग्लिक्स नई फंडिंग जुटाकर इस साल भारत का 13वां यूनिकॉर्न ( अनलिस्टेड कंपनी जिसकी वैल्यूएशन एक अरब से ज्यादा हो) बन गया है. बिजनेस टू बिजनेस मार्केटप्लेस Moglix ने नए फंडिंग राउंड में 120 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया है. लेटेस्ट सिरीज-ई फंडिंग राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन एक अरब डॉलर पार कर गई.

करीब 400 ऑक्सिजन उत्पादन इकाइयां स्थापित करेगा टाटा समूह

ऑक्सिजन

कोविड महामारी के बीच टाटा समूह 60 क्रायोजेनिक ऑक्सिजन टैंकर विदेशों से विमान के जरिये लाएगा और करीब 400 ऑक्सिजन उत्पादन इकाइयां स्थापित करेगा. इस ऑक्सिजन का उपयोग छोटे शहरों के अस्पतालों में किया जा सकता है. टाटा संस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि समूह की विभिन्न कंपनियों ने मिलकर कोविड मरीजों के लिए करीब 5,000 बिस्तरों की व्यवस्था की है.

समूह, खासकर अपने इंडियन होटल से जुड़े कुछ कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे रहा है ताकि मरीजों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की कमी नहीं हो. समूह ने अपने कई होटलों को कोविड अस्पताल में तब्दील किया है.

टाटा संस के अध्यक्ष (बुनियादी ढांचा, रक्षा एवं एयरोस्पेस और वैश्विक कंपनी मामले) बनमाली अग्रवाल ने कहा, ‘हम रोजाना करीब 900 टन ऑक्सिजन उपलब्ध करा रहे हैं. यह टाटा स्टील स्वयं कर रही है.

टाटा स्टील में हमारे लोगों ने इसके परिवहन को एक समस्या के रूप में पहचाना है. हमें विशेष क्रायोजेनिक कंटेनरों की जरूरत है. भारत में यह नहीं है. अत: इसका दूसरे देशों से पता करके विमान के जरिये देश में लाना है.’

#ThisIsTata के माध्यम से उद्योगपति रतन टाटा का धन्यवाद

उद्योगपति रतन टाटा

सोशल मीडिया यूजर्स ने उद्योगपति रतन टाटा का धन्यवाद करने के लिए #ThisIsTata का इस्तेमाल किया है. दरअसल कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश के कई हिस्सों से ऑक्सीजन कमी की खबरें आई थीं. ऐसे में टाटा समूह ने भारतीयों की परेशानी को कुछ हद तक कम करने का बीड़ा उठाया है.

समूह ने लिक्विड ऑक्सीजन की आवाजाही के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनर्स आयात करने का फैसला किया है. कहा जा रहा है कि इससे देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी.

कोविड महामारी के खिलाफ टाटा ग्रुप की लड़ाई

उद्योगपति रतन टाटा का योगदान

कोविड महामारी की लड़ाई में टाटा समूह अग्रिम मोर्चे पर खड़ी है. जब देश में आक्सीजन की किल्लत हुई तो टाटा समूह ने पहली बार 300 टन प्रतिदिन आक्सीजन की आपूर्ति करनी शुरू की. फिलहाल अभी एक हजार टन से अधिक आक्सीजन की आपूर्ति कर रही है. इसके अलावा टाटा स्टील ने झारखंड को 5000 आक्सीजन सिलेंडर दे रही है.

जमशेदपुर की बात करें तो टाटा मोटर्स, टाटा मेन हॉस्पीटल, टिनप्लेट हॉस्पीटलरि अलावा साकची में 300 बेड का अतिरिक्त कोविड वार्ड का निर्माण किया. टाटा समूह ने अपनी कंपनियों के माध्यम से कोविड रोगियों के लिए लगभग 5,000 बिस्तर उपलब्ध करवाए. इसके अलावा समूह ने 1,000 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात किया.

टाटा स्टील जमशेदपुर के छह आक्सीजन प्लांट व ओडिशा के कलिंगनगर से पूरे देश में रोजाना हजारों टन आक्सीजन की आपूर्ति कर रही है. टाटा समूह ने पहले ही केंद्र सरकार को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में 2000 करोड़ की राशि सहायता की है. इसके अलावा हर दिन विदेशों के मेडिकल उपकरण मंगाकर पूरे देश के अस्पतालों में वितरित कर रही है.

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