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एआईएमआईएम नेता वारिस पठान द्वारा विवादास्पद बयान, दूसरा नोटिस जारी

बेंगलुरु: 15 फरवरी को कर्नाटक के गुलबर्गा में ‘नागरिकता संशोधन कानून’ (CAA) के खिलाफ रैली में शाहीन बाग में हो रहे धरने के संबंध में कथित तौर पर विवादस्पाद बयान को लेकर कलबुर्गी पुलिस ने एआईएमआईएम नेता वारिस पठान को 8 मार्च को जांच कार्यालय के सामने पेश होने और अपना बयान देने को कहा है.

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान कहते हैं कि हमने महिलाओं को आगे कर दिया है लेकिन ध्‍यान रखना कि अभी तक केवल शेरनियां ही बाहर आई हैं और आप पसीना बहा रहे हैं. इससे आप समझ सकते हैं कि यदि हम सभी बाहर निकल आए तो क्‍या होगा. हम 15 करोड़ हैं लेकिन 100 करोड़ के ऊपर भारी हैं.”

हालांकि बाद में विवाद बढ़ता देख उन्होंने माफी मांग ली थी और अपना बयान वापस ले लिया था. पठान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “पिछले दिनों से मेरे खिलाफ जो खबरे चलाई जा रही हैं, वो सरासर गलत हैं.

15 करोड़ मुसलमान भारी का मतलब ये नहीं है कि मैं अपने हिंदू भाइयों के खिलाफ हूं. मेरे कहने का मतलब ये था कि नागरिकता कानून के खिलाफ 15 करोड़ लोग भारी हैं. मेरे खिलाफ कुछ लोग गलत तरीके से बयानबाजी कर रहे हैं. इनमें प्राइम टाइम के कुछ पत्रकार भी हैं जो अपने को सबसे बड़ा देशभक्त बताते हैं.

पठान ने आगे कहा, “मै देश का सच्चा मुसलमान हूं, देशभक्त हूं. मैं अपने हिंदू भाइयों के खिलाफ नहीं हूं. न मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचने का है. फिर भी मेरे शब्द से किसी को कोई ठेस पहुंची हो तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं.”

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