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भगवान और उनके स्थान को लेकर विवाद गलत : अरुण गोविल

इस बयान पर जब रामायण सीरियल में श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल से बात हुई तो उनका कहना था कि श्रीराम तो भगवान हैं

Meerut। श्रीराम को लेकर नेपाल के पीएम ओली का बयान आया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। पीएम ओली ने कहा कि भगवान राम का जन्म भारत में नहीं, बल्कि नेपाल में हुआ था। भगवान राम भारतीय नहीं, बल्कि नेपाली हैं।

इस बयान पर जब रामायण सीरियल में श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल से बात हुई तो उनका कहना था कि श्रीराम तो भगवान हैं, उनको लेकर विवाद करना ठीक नहीं। जो विवाद कर रहे हैं, उन्हें इस तरह के विवाद नहीं करने चाहिए, भगवान या उनके रहने का स्थान असली है या नकली ये तय करने वाले हम कौन होते है।

अभिनेता और अरूण गोविल ने भगवान श्रीराम पर उठे विवाद पर कुछ ज्यादा कुछ नहीं कहा मगर रामायण पर उन्होंने लंबी-चौड़ी बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश

आप रामायण में श्रीराम का किरदार निभाने के बाद दुनियाभर में फेमस हो गए, आगे क्या?

रामायण में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने के बाद इतनी लोकप्रियता और सम्मान मिला कि अब इच्छा ही खत्म हो गई।

रामायण में किरदार निभाने का मौका कैसे मिला?

दरअसल, मैं 1975 में मेरठ से मुंबई चला गया था। बहुत संघर्ष करने के बाद फिल्मों में काम मिला। जिंदगी पटरी पर आने लगी तो एक दिन रामानंद सागर ने मुझे रामायण सीरियल में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने का मौका दिया।

आप आपने कभी सोचा था कि रामायण सीरियल इतना हिट रहेगा?

दौरान रविवार को जब रामायण का प्रसारण होता था तो देश में कफ्र्यू जैसा माहौल होता था। रामायण इतना हिट होगा ये कभी सोचा नहीं था। रामायण जैसी कृतियां ईश्वर के आशीर्वाद से ही जन्म लेती हैं। हम चाहें कितनी भी कोशिश कर लें ऐसी कृतियों की रचना मुमकिन नहीं।

रामायण की सक्सेस की क्या खास वजह रही?

रामायण धारावाहिक का निर्माण काफी शोध के बाद किया गया था। रामायण के एक-एक सीन और संवाद पर बहुत बारीकी से काम होता था। सीन को जीवंत बनाने के लिए पूरी टीम मेहनत करती थी। रामायण को बनाने के लिए श्रीरामचरित मानस और वाल्मीकि का जबरदस्त अध्ययन किया गया था। धारावाहिक में कास्टिंग का बहुत ध्यान रखा गया था। ये सब रामायण की सक्सेस की कहानी है। आजकल सीरियल्स के लिए इतना शोध नहीं होता बहुत कुछ बदल गया है।

आज मेरठ में क्या बदलाव महसूस करते हैं?

मेरा जीवन का एक अहम हिस्सा मेरठ में गुजरा है। हम गांधीनगर कॉलोनी रहा करते थे। मगर तब के और आज के मेरठ काफी फर्क आ गया है।

कोरोना काल में मेरठ वालो को क्या संदेश देना चाहेंगे?

मैं मेरठवासियों से अपील करना चाहूंगा कि वह अपना ध्यान रखें और आसपास साफ-सफाई रखें। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।

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