छत्तीसगढ़

स्वच्छता के लिए मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन का अभिसरण

गांवों में सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण में 320 मानव दिवस तक के अकुशल श्रमिकों की पूर्ति मनरेगा से

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा

स्वच्छता परिसरों के निर्माण में मनरेगा को जोड़ने मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने कलेक्टरों को जारी किया परिपत्र

रायपुर. 31 जुलाई 2020. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गांवों में सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण में अकुशल श्रम की पूर्ति मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना) से की जाएगी। स्वच्छता परिसरों के निर्माण में 320 मानव दिवस तक का अकुशल श्रम मनरेगा से उपलब्ध कराया जाएगा। मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर इन परिसरों के निर्माण में मनरेगा अभिसरण को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त कार्यालय ने स्वच्छ भारत मिशन के साथ इसके क्रियान्वयन के दौरान मनरेगा के प्रावधानों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा है।

स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में

मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के मनरेगा प्रभाग के निर्देशों का उल्लेख करते हुए परिपत्र में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में 2020-21 से 2024-25 तक ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) की स्थिरता और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। गांवों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण इस कार्यक्रम का प्रमुख भाग है। इससे ऐसे घरों में जहां व्यक्तिगत शौचालय के लिए जगह नहीं है, पानी या सिवर की सुविधा उपलब्ध नही हैं, वहां स्वच्छता सुविधा प्रदान की जा सकेगी। इससे ओडीएफ में भी स्थिरता रहेगी। साथ ही यह अस्थायी और प्रवासी आबादी की आवश्यकताओं को भी पूरी करेगी।

आयुक्त कार्यालय ने कलेक्टरों को भेजे परिपत्र में बताया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओडीएफ-प्लस (ODF Plus) के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण के तहत स्वच्छता परिसरों का निर्माण सामुदायिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्य है। स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान करने और सामुदायिक संरचनाओं को मजबूत करने सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण के लिए 320 मानव दिवस तक का अकुशल श्रमिक अंश मनरेगा से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण के लिए जारी प्राक्कलन एवं तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।

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