राज्य

सजा पूरे होने के बाद भी 3 साल रखा जल में, मिलेगा 2 लाख का मुआवजा

उम्र कैद की सजा पूरी करने के बाद भी एक शख्स को तीन साल अतिरिक्त गैरकानूनी तरीके से जेल में रखा गया। बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने अब इस शख्स को दो लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश महाराष्ट्र सरकार को दिया है। हालांकि यह फैसला होने में भी कई साल लग गए।

जस्टिस टी.वी नलावडे और जस्टिस सुनील कोटवाल की डिविजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि यह मुआवजा 45 दिन के अंदर पीड़ित के खाते में जमा करा दिया जाए। ऐसे न करने पर 12 फीसदी की दर से ब्याज भी जमा कराना होगा।

यह मामला तरनजीत सिंह उर्फ रंजीत सिंह प्रीतम सिंह गिल का है जिन्हें अगस्त 1975 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय अदालत ने गिल को रिहा कर दिया था, लेकिन बाद में ऊपरी अदालत ने उसे दोषी ठहराया और फैसले के खिलाफ दायर की गई उसकी अपील भी खारिज कर दी गई।

उम्र कैद की सजा पूरी होने के बाद भी जब उन्हें छोड़ा नहीं गया तो उन्होंने 2001 में अदालत के सामने एक रिट याचिका दायर की।

इसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। गिल ने अपने साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ 2004 में हाई कोर्ट में एक और याचिका दायर की। उनके वकील एस.टी शेलके ने अदालत में दलील पेश करते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 433 के तहत उनके क्लायंट को 14 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता था।

Tags
Back to top button