छत्तीसगढ़

इस गांव में कभी भी फूट सकता है कोरोना बम, बिना जांच पड़ताल और पास लिए दर्जनों गाडिय़ों में यहां इलाज के लिए आते हैं लोग…

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

मेडिकल स्टोर संचालक उर्फ डॉक्टर के पास रोजाना उड़ीसा से आते हैं दर्जनों लकवा के मरीज…

कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने हम सबकी बराबर जिम्मेदारी है यह केवल प्रशासन और पुलिस का दायित्व नहीं है कि वह हमें रोजाना सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ कोविड-19 से जुड़े नियमों का पाठ पढ़ाएं…।

जिला मुख्यालय रायगढ़ से लगे हुए ग्राम साल्हेओना में भी कोविड-19 के नियम तार-तार हो रहे हैं और यहां कभी भी कोरोना संक्रमण का विस्फोटक रूप देखा जा सकता है। महापल्ली के पास स्थित साले उना गांव में कभी भी कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति देखने को मिल सकती है और जब यह स्थिति देखी जाए तो किसी को कोई अचरज भी नहीं होना चाहिए… कारण एकदम साफ है यहां रोजाना ओडिशा सहित अन्य स्थानों से दर्जनों लोग अपनी गाडिय़ों में पहुंचते हैं जिनका ना तो कोई जांच हो रही है और ना ही किसी प्रकार की एंट्री रायगढ़ में घुसने पर हो रही है।

कौन व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है और कौन नहीं इसकी बिना जानकारी के इस गांव में एक मेडिकल संचालक की ओर से इलाज किया जा रहा है।उड़ीसा के दर्जनों लोग रोजाना सुबह 6:00 बजते ही इस गांव में दाखिल हो जाते हैं और पूरे गांव में भ्रमण करते हैं।
लगातार……

एक तरफ यह निर्देश और दूसरी तरफ आंख मूंद कर बैठे हैं अधिकारी

एक और शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य से आए तो उसे 14 दिन का होम आइसोलेशन करते हुए कोरन्टीन किया जाना है। इसके पूर्व इस राज्य में दाखिल होते ही उसका कोरोना टेस्ट किया जाना है।

लेकिन यह सब कुछ उलट है उड़ीसा से कोई भी व्यक्ति जब चाहे तब इस गांव में पहुंचाता है और बिना किसी जांच-पड़ताल के ग्रामीणों से संपर्क में आता है। यह सभी ग्रामीण रोजाना अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए रायगढ़ आते हैं। ऐसे में यह भली-भांति समझा जा सकता है कि पूरा शहर किस प्रकार के खतरे के साए में है।

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