कोरोना: राज्यों के बीच ऑक्सीजन को लेकर मारामारी, चिट्ठी लिखकर केंद्र सरकार ने लगाई फटकार

महाराष्ट्र की ओर से मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन सप्लाई रोके जाने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है कि मेडिकल ऑक्सीजन के मूवमेंट पर प्रतिबंध ना लगाया जाए। सरकार ने कहा कि ऑक्सीजन कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए जरूरी है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर फटकार लगाई है। बढ़ते मामलों की वजह से राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई की होड़ मच गई, जिसकी वजह से केंद्र सरकार को नए दिशा-निर्देश जारी करने पड़े।

महाराष्ट्र की ओर से मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन सप्लाई रोके जाने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है कि मेडिकल ऑक्सीजन के मूवमेंट पर प्रतिबंध ना लगाया जाए। सरकार ने कहा कि ऑक्सीजन कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए जरूरी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि आपस में ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखें। इसके अलावा राज्यों को कहा गया कि आपकी जिम्मेदारी बनती है कि सभी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाए।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने अस्पतालों को 80 फीसदी और उद्योगों को 20 फीसदी ऑक्सीजन सिलेंडर देने का फैसला किया।

इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से ऑक्सीजन की आपूर्ति का अनुरोध किया। हालांकि ठाकरे सरकार ने मध्य प्रदेश को हर संभव मदद देने का वादा किया।

महाराष्ट्र की आइनोक्स कंपनी नागपुर के प्लांट से मध्यप्रदेश को 20 टन ऑक्सीजन सप्लाई करती थी। अब यही कंपनी गुजरात और उत्तरप्रदेश से मध्यप्रदेश को 20 टन ऑक्सीजन मुहैया कराएगी।

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