छत्तीसगढ़

कोरोना मरीज फिर से संक्रमित होते हैं तो मिलेगा मुफ्त इलाज, ई हेल्थ कार्ड से मिलेगा लाभ

निजी अस्पतालों में नहीं क्योंकि आईएमए और हॉस्पिटल बोर्ड सरकारी पैकेज रेट पर इलाज को तैयार नहीं है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीज अगर फिर से संक्रमित होते हैं तो उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए राजधानी में ई हेल्थ कार्ड बनने लगे हैं। ई कार्ड बनाने के लिए 10 जोन और 6 ब्लॉक में सेंटर बनाए गए हैं। ई हेल्थ कार्ड के जरिए निर्धारित पैकेज के अनुसार इलाज की सुविधा दी जाएगी।

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का स्वास्थ्य संबंधी ई-कार्ड बनना शुरू हो गया है। ताकि भविष्य में अगर उन्हें कोरोना हो या वे अन्य किसी बीमारी से ग्रसित हो तों ई-कार्ड दिखाकर अपना इलाज करवा सकें। वह भी नि:शुल्क। वर्तमान में यह कार्ड सिर्फ सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों को जारी हो रहे हैं।

निजी अस्पतालों में नहीं क्योंकि आईएमए और हॉस्पिटल बोर्ड सरकारी पैकेज रेट पर इलाज को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना को मात देकर घर लौट चुके व्यक्तियों को ढूंढ़ा जा रहा है ताकि उन्हें भी कार्ड मुहैया करवाए जा सकें। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 2.45 लाख लोग कोरोना संक्रमित हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ है।

मरीजों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ राशन कार्ड दिखाएं और इलाज पाएं। एपीएल परिवार के लिए 50 हजार रु., बीपीएल परिवार के लिए 5 लाख तक के इलाज की व्यवस्था है। इसके तहत 772 बीमारियों के इलाज पैकेज हैं। जिसमें कैंसर, किडनी, मोतियाबिंद सर्जरी, डिलीवरी, सिजेरियन डिलीवरी प्रमुख हैं।

यह कार्ड सरकार की आयुष्मान भारत योजना एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता के तहत अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही बनाए जा रहे हैं। यहां आयुष्मान मित्र नियुक्त हैं, जो कार्ड बनाकर तत्काल कार्ड ब्लॉक भी करते हैं, ताकि इलाज शुरू हो सके। इलाज में देरी न हो। और फिर इस कार्ड में उपलब्ध राशि से इलाज की राशि काटी जा रही है। जिस प्रकार से योजना में अन्य बीमारियों के इलाज के वक्त होता है। जानकारी के मुताबिक महीनेभर पहले सभी जिलों को इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए थे। यह व्यवस्था पूरी तरह से राशनकार्ड पर आधारित है।

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