देश में कोरोना बेकाबू, इन राज्‍यों में हुई वैक्सीन की किल्लत?

कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी की बात कही हैं।

नई दिल्‍ली: देश में जानलेवा कोरोना की दूसरी लहर काफी तेजी से बेहद खतरनाक रफ्तार से आगे बढ़ रही है। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच देश में टीकाकरण अभियान भी तेजी से चल रहा है, लेकिन इस बीच देश में वैक्सीन की किल्लत की खबरे भी सामने आ रही है। कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी की बात कही हैं।

महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और हरियाणा समेत कई राज्यों ने दावा किया है कि उनके यहां वैक्सीन की कमी हो गई है और इसको लेकर केंद्र सरकार से वैक्सीन की मांग की गई है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि हमारे पास सिर्फ 14 लाख खुराक ही बची हैं।

हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि कई भी वैक्सीन की किल्लत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा है कि देश में कुल 9.1 करोड़ डोज वैक्सीन का उपयोग किया गया है और 4.3 करोड़ डोज स्टॉक में है, जो राज्यों को दिए जाने की प्रक्रिया में है। साथ ही सरकार ने वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने की कवायद भी शुरू कर दी है।

मुंबई में बंद 25 वैक्‍सीनेशन केंद्र

सरकार के अपने दावे है, लेकिन हकीकत य़े है कि मुंबई में वैक्सीन की कमी होने के कारण 25 प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। बाकी वैक्सीनेशन सेंटर में भी केवल आज भर का खुराक बचा है। बीएमसी ने प्रशासन से कमी पूरा करने की मांग की है।

दरअसल, मुम्बई में 49 कोविड सेंटर्स और 71 प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सिनेशन की सुविधा की गई थी, जिसमें प्रतिदिन 40 से 50 हज़ार लोगो को वैक्सिनेट किया जा रहा था। अब बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मुंबई के बीकेसी जंबो सेंटर में भी वैक्सीन नहीं है। बीकेसी जंबो वैक्सीन सेंटर में वैक्सीन की किल्लत पर जंबो वैक्सीन सेंटर के डीन राजेश डेरे ने कहा कि हमारे पास वैक्सीन की महज 160 डोज बची है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम लोगों से अपील करते है कि घबराएं नहीं।

गाजियाबाद में कम पड़ी वैक्‍सीन

यूपी के गाजियाबाद में भी कुछ निजी सेंटरों पर वैक्सीन की की कमी की खबर है। लिहाजा कुछ जगहों पर इसे लेकर नोटिस भी लगा है। हालांकि गाजियाबाद के सरकारी सेंटर में वैक्सीन लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा है, क्‍योंकि सरकारी सेंटर पर वैक्सीन उपलब्ध है।

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button