कोरोना की तीसरी लहर: पर्यटन स्थलों को खोले जाने पर IMA ने व्यक्त की चिंता

आईएमए ने कम से कम तीन महीने के लिए कोरोना गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने की अपील की

नई दिल्ली:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कोरोना की तीसरी लहर के बड़े खतरे के बीच पर्यटन स्थलों को खोले जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से कम से कम तीन महीने के लिए कोरोना गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने की अपील की है.

केंद्र और राज्य सरकारों को भेजी गई चिट्ठी में आईएमए ने कहा, ‘पर्यटक, तीर्थ यात्रा, धार्मिक उत्साह सभी की जरूरत है, लेकिन कुछ और महीनों तक इंतजार कर सकते हैं.’ भले ही भारत में नए केस में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर लापरवाही की गई तो कोरोना फिर से कहर बरपा सकता है.

आईएमए अध्यक्ष डॉ जेए जयलाल और महासचिव डॉ जयेश लेले ने अपनी चिट्ठी में कहा, ‘देश केवल कोविड महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर से बाहर निकल रहा है, अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है, उपलब्ध वैश्विक सबूत और किसी भी महामारी के इतिहास में साफ है कि तीसरी लहर आएगी और जल्द ही आने वाली है.

आईएमए ने लिखा है कि भारत में टीके लगाने की गति को तेज करके और कोरोना गाइडलाइन का पालन करके तीसरी लहर के प्रभाव को कम किया जा सकता है. चिट्ठी में कहा गया, ‘यह दुखद है कि जब तीसरी लहर की संभावना बनी है, तभी सरकार और जनता दोनों बेफ्रिक है और जगह-जगह भीड़ लगाई जा रही है.’

इसके अलावा आईएमए ने यह भी कहा कि पर्यटन या धार्मिक तीर्थयात्रा को खोलना और बिना टीका लगवाए लोगों को इन सामूहिक समारोहों में जाने की अनुमति देना कोविड -19 संक्रमण की तीसरी लहर के लिए संभावित सुपर स्प्रेडर है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के अनुसार, भारत में 12 जुलाई तक 4,50,899 एक्टिव केस है.

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