कंपनियों के निदेशकों का पासपोर्ट ब्यौरा जुटाएगा कारपोरेट मंत्रालय

नई दिल्ली: कारपोरेट मामलों का मंत्रालय कंपनियों में निदेशक पद की पात्रता प्राप्त व्यक्तियों के पासपोर्ट के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। मंत्रालय का यह प्रस्ताव पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के देश छोड़कर भाग जाने की घटना को ध्यान में रखते हुए आया है।

सूत्रों ने बताया कि निदेशक पहचान संख्या (डीआईएन) वाले किसी व्यक्ति के पास यदि पासपोर्ट नहीं होता है तो मंत्रालय उससे इस संबंध में एक घोषणा पत्र प्राप्त कर सकता है जिसमें कहा गया होगा कि उसके पास पासपोर्ट नहीं है। मंत्रालय का यह भी प्रस्ताव है कि जो लोग मंत्रालय से आठ अंक की विशेष डीआईएन संख्या पाने की इच्छा रखते हैं उन्हें पासपोर्ट की जानकारी जमा देनी होगी।

सूत्रों के अनुसार इसके लिए मंत्रालय डीआईएन आवेदन फार्म में भी उपयुक्त बदलाव करेगा। पासपोर्ट की जानकारी होने से अधिकारियों को धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ समय से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, विशेषकर ऐसे लोगों के खिलाफ जो देश छोड़कर भाग जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि इस माह की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने बैंकों से उन लोगों की पासपोर्ट जानकारी एकत्रित करने के लिए कहा है जिन पर 50 करोड़ रुपए अथवा इससे अधिक का ऋण है अथवा बैंकों से कर्ज ले रहे हैं। सरकार ने पिछले सप्ताह एक विधेयक भी पेश किया है जिसमें धोखाधड़ी कर देश से भागने वालों की संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान किया गया है।

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