निगम में अब ‘लाभ का बजट’ पर राजनीति, बीजेपी पार्षद बोले-महापौर निगम के पैसे को भी खर्च करने में नाकाम

नहीं होगा कोई संवैधानिक संकट, राज्य शासन से मिलेगी मंजूरी

रायपुर। नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे बुधवार को पेश किया गया बजट प्रस्ताव भले ही सामान्य सभा की बैठक में गिर गया हो पर ‘लाभ का बजट’ बताए जाने पर निगम में विपक्ष की राजनीति शुरू हो गई है।

बता दें कि साल 2018-19 के बजट को 56 लाख के लाभ के बजट के साथ पेश किया गया था। महापौर के लाभ के बजट को विपक्ष ने निराशा जनक करार देते हुए पास नहीं होने दिया। विपक्ष के पार्षदों का कहना है कि अगर महापौर लाभ का बजट पेश कर रहे हैं तो इसका मतलब शहर में विकास के काम नहीं हो रहे हैं।

विपक्षी पार्षदों ने महापौर को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस के महापौर निगम के पैसे को भी खर्च करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। वहीं बजट के गिरने से किसी तरह की संवैधानिक संकट नहीं होगा, इसे अब राज्य शासन को भेज दिया जाएगा।

दूसरी बार गिरा बजट

नगर निगम के बजट गिरने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी महापौर प्रमोद दुबे के कार्यकाल में एक बार बजट गिर चुका है। वहीं महापौर और उनकी परिषद का कहना है कि विपक्ष बहुमत में होने का फायदा उठाकर बजट पास नहीं होने देता।

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