भ्रष्टाचार मामला: प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए तेजस्वी

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव रेलवे होटल आवंटन भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए.अधिकारियों ने बताया कि बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में पहुंचे. माना जा रहा है कि इस मामले में जांच अधिकारी उनका बयान दर्ज करेंगे.एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम(पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुछ समय पहले लालू यादव के परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था.प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले यूपीए सरकार में मंत्री रहे प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता समेत कुछ लोगों से पूछताछ की थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने तेजस्वी की मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बुधवार को पेश होने के लिए तलब किया है. एजेंसी ने खुद की आपराधिक शिकायत के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एक केस को संज्ञान में लिया है.

जुलाई में सीबीआई ने एक आपराधिक एफआईआर दर्ज कर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कई अन्य के खिलाफ कई जगहों पर तलाशी भी ली थी. अधिकारियों ने बताया कि ईडी आरोपी द्वारा कथित शेल (मुखौटा) कंपनियों के जरिए किए गए अपराधों की जांच करेगी.

मामला IRCTC के दो होटलों का रख-रखाव प्राइवेट कंपनी को देने का है

प्रवर्तन मामला, सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) में दर्ज आरोपों के लिए राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य पर जांच चलेगा. सूचना रिपोर्ट में दर्ज मामला पुलिस एफआईआर के बराबर होता है.
यह पूरा मामला उस समय का है जब लालू यादव यूपीए की सरकार में रेल मंत्री थे.
सीबीआई की एफआईआर में विजय कोचर, विनय कोचर (सुजाता होटल के निदेशक), डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (मौजूदा समय में लारा प्रोजेक्ट) और आईआरसीटीसी के तत्कालीन निदेशक पीके गोयल का नाम है.
सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के रख-रखाव का काम एक कंपनी को सौंपा था. इसके बदले में लालू परिवार को पटना के प्राइम लोकेशन पर स्थित जमीन रिश्वत के तौर पर दी गई थी. यह रिश्वत बेनामी कंपनी के जरिए ली गई थी, जिसकी मालिक सरला गुप्ता हैं.
ये एफआईआर पांच जुलाई को दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि पटना में एक कीमती जमीन के बदले में, पुरी और रांची में स्थित दो होटल के रख-रखाव का अनुबंध सुजाता होटल को दिया गया.
पीएमएलए के तहत ईडी को दागी संपत्तियों की कुर्की और उन्हें जब्त करने का अधिकार है. ऐसी संभावना है कि एजेंसी यह कदम मामले के आगे बढ़ने पर बाद में उठाएगी.

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