निर्माण कार्यों में भ्रष्ट्राचार नहीं तो प्रशासन जारी करें श्वेतपत्र

-अांदोलनकारियों से नहीं, प्रशासन से मांगे भ्रष्टाचार की रिपोर्ट

राज शार्दूल

कोण्डागांव ।

जिला निर्माण समिति के माध्यम से भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जय हिन्दू राष्ट्र मोर्चा के बैनर तले माह भर से जिला प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल आंदोलन का छेड़ रखा है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं देने का भी आरोप आंदोलनकारी लगा रहे हैं। यही वजह है कि एक के बाद एक जनपद मुख्यालयों में धीरे-धीरे प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध प्रकट करने में लगे हुए हैं।

गुरूवार की दोपहर राष्ट्रवादी एसटी/एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष शानू बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बजरंग दल व विहिप के कार्यकर्ताओं के साथ हम लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया तो कुछ लोग हमसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाण मांगने लगे। यदि उन्हें प्रमाण मांगना ही है तो वे प्रशासन से मांगें, क्योंकि हमारे द्वारा पहले ही भ्रष्टाचार के सारे साक्ष्य प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी उन्हें भ्रष्टाचार किए गए होने का भरोसा नहीं होता तो वे कागजी पत्रों को छोड़ धरातल का मुआयना करें, ताकि वे वस्तुस्थिति से अवगत हो सकें।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई खड़ा हुआ है तो उसे दमनकारी रणनीति के तहत दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो उचित नहीं है, यदि शासन-प्रशासन को ऐसा लगता है कि जिले में हुए एवं हो रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, तो हमारे बताए गए निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर लें और कार्यवार भौतिक सत्यापन कर रिर्पोट सार्वजनिक करते हुए श्वेत पत्र जारी करें। फिर हम भी अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।

शासन से रखी मांग-

मार्चों ने शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि जिला निर्माण समिति को तत्काल भंग करने का आदेश जारी कर समिति की आड़ में हो रहे कार्यों की जांच के लिए आयोग गठित कर पखवाड़े भर में श्वेतपत्र जारी करे, अन्यथा आने वाले दिनों में यह आंदोलन उग्र रूप लेगा जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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