क्राइमछत्तीसगढ़राज्य

पंचायत के कार्यों में लाखों का भ्रष्टाचार,ग्रामीणों द्वारा विशेष ग्रामसभा में सोशल ऑडिट में खुलासा

दीपक वर्मा
आरंग : आरंग विकासखंड के ग्राम मोखला में ग्राम पंचायत द्वारा किए गए कार्यों के अलावा मनरेगा और ग्रामीणों के शौचालय ​योजना में लाखों के भ्रषटाचार का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और पंचायत विभाग से सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज प्राप्त करके कार्यों में भारी वित्तीय अनियमिता और गड़बड़ियों पता लगाकर रायपुर कलेक्टर से जांचकर करने की मांग की थी।

जिसके बाद संचालनालय पंचायत ने गांव में हुए कार्यों के जांच के लिए 4 सदस्यीय जांचदल भेजा था। 5 दिनों के जांच के बाद जांचदल ने विशेष ग्रामसभा आयोजित करके पंचायत द्वारा किए गए कार्यों का सोशल आडिट किया, जिसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में सरपंच सेवाराम जांगड़े, उपसरपंच त्रिलोकी चंद्राकर, तात्कालीन सचिव शिवकुमार बंजारे, पंच दशरथ चंद्राकर सहित अन्य पदाधिकरियों ने मनरेगा कार्यों में फर्जी मस्टररोल, ओडीएफ, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और तालाब निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया है।

ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय निर्माण में लगभग 49 लाख् आहरण कर लिया गया जिसमें लगभग 25 लाख रूपए ही वितरित किया गया और बाकी राशि को फर्जी हितग्राहियों के नामों की एंट्री करके डकार लिया गया।

ग्रा​मीणों ने ये भी बताया कि मनरेगा कार्य में मस्टररोल में उपसरपंच त्रिलोकी चंद्राकर, देवश्री चंद्राकर, संतोष पुरेना, पोषण पुरेना, धनेश साहू जैसे 25 लागों का नाम चढ़ाकर लगभग 1 लाख् 40 हजार रूपए भुगतान किया गया है जो कभी काम में गए ही नही, इसके अलावा एक मजदूर दीपिका चंद्राकर है जिसके पति इंकम टैक्स भरते हैं।

ग्रामसभा में लागों ने कहा कि सुचना के अधिकार से मिले दस्तावेज में भारी कुटरचना कर राशि् आहरण की जानकारी मिला है, वही ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत से निकाली गई एक ही मद के व्यय जानकारी में दस्तावेजों में कुटरचना करके आंकड़ों को बदल दिया गया है। सभा में लोगों में भारी आक्रोश था।

इस दौरान लोगों ने कहा कि भ्रष्ट प्रतिनिधियों के किए घोटाले के कारण सही हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नही मिल रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी पंचायत पदाधिकारियों के खिलाफ वसुली और कानुनी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल आडिट के दौरान जांच अधिकारी योगेश्वर निर्मलकर ने बताया कि जांच में लाखों की गड़​बड़ियां मिली है। उन्होने बताया कि मनरेगा में फर्जी नामों से राशि आहरण, ओडिएफ में हितग्राहियों भुगतान ​नही होना बल्कि राशि का फर्जी नामों से आहरण, इसके आलावा आंगनबाड़ी और ग्राम के बंधवा तालाब निर्माण के सामग्री बिल में ही 8 लाख रूपए से ज्यादा की गड़बड़ी हुई है।

इसके अलावा और भी गड़बड़ी है जिसमें आंकड़ो का विश्लेषण किया जा रहा है। पूरी जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौप दिया जाएगा। बाइट 01 लखन ग्रामीण बाइट 02 ग्रामीण बाइट 03 बिसाहू चंद्राकर शिकायकर्ता ग्रामीण बाइट 04 योगेश्वर निर्मलकर जांच अधिकारी

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