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देश को आज मिल जायेगा 14वां राष्ट्रपति

नई दिल्ली : देश को आज नया राष्ट्रपति मिल जाएगा. आज शाम करीब 5 बजे तक साफ हो जाएदा कि देश का 14वां राष्ट्रपति कौन होगा. राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 जुलाई को जो मतदान हुआ था उसकी गिनती 20 जुलाई यानी आज संसद के रूम नंबर 62 में होगी. लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल अनूप मिश्रा के मुताबिक वोटों की गिनती सुबह 11:00 बजे से शुरू होगी और शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच नतीजे आने की उम्मीद है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए अनूप मिश्रा ही रिटर्निंग ऑफिसर हैं. राष्ट्रपति पद के NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद नतीजों से एक दिन पहले बंगला साहब गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे.

सभी राज्यों से वोट के बैलेट बॉक्स संसद पहले ही पहुंच चुके हैं और संसद में कड़ी सुरक्षा में उसे रखा गया है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 32 जगहों पर मतदान हुआ था. इनमें 29 राज्य, दिल्ली और पुडुचेरी समेत दो केंद्र शासित प्रदेश और संसद भवन शामिल है जहां पर राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों ने मतदान किया.

8 राउंड में होगी गिनती
राष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद और विधान सभा के सदस्य मतदान करते हैं. एमएलसी यानी विधान परिषद के सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान नहीं करते. आज जब वोटों की गिनती शुरू होगी तो सबसे पहले संसद भवन में डाले गए वोटों का बक्सा खुलेगा. उसके बाद राज्यों के वोटों की गिनती होगी. राज्यों का बक्सा अल्फाबेटिकल ऑर्डर पर खोला जाएगा. वोटों के गिनती चार अलग अलग टेबल पर होगी और गिनती के कुल 8 राउंड होंगे.

कोविंद की जीत पक्की!
संसद के बाद सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश, असम आंध्र प्रदेश और बिहार के वोटों की गिनती होगी. राष्ट्रपति के चुनाव में 99 प्रतिशत से भी ज्यादा मतदान हुआ था और संख्या के हिसाब से NDA के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का जीतना तय माना जा रहा है जिनका मुकाबला विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार से है. भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए 4083 विधायकों ने और 768 सांसदों ने वोट डाला था. राष्ट्रपति के चुनाव में एक सांसद के वोट का मूल्य 708 होता है जबकि विधायकों के वोट का मूल्य उनके राज्य पर निर्भर करता है.

दलित बनाम दलित था मुकाबला
इस बार राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित हो गया था. बीजेपी नीत एनडीए ने 20 जून को रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था. रामनाथ कोविंद दलित जाति से आते हैं. ऐसे में उनके नाम को बीजेपी के दलित कार्ड के रूप में देखा जा रहा था. जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रामनाथ कोविंद के नाम का ऐलान किया तो तमाम दल हैरान रह गए. इसके बाद विपक्ष ने अपने उम्मीदवार के तौर पर मीरा कुमार के नाम का ऐलान किया. मीरा कुमार भी दलित जाति से आती हैं और दिवंगत दलित नेता बाबू जगजीवन राम की बेटी हैं. मीरा कुमार लोकसभा स्पीकर भी रह चुकी हैं.

रामनाथ कोविंद के नाम के बाद कांग्रेसी खेमी की तरफ से दलित उम्मीदवार लाना एक मजबूरी बन गई थी. एक तरफ जहां जेडीयू ने को अपना समर्थन देकर कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था.

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