कई केंद्रों पर मतगणना शुरू, रुझान साढ़े आठ बजे तक आने का अनुमान

कैथल में मतगणना केंद्र के बाहर तैनात पुलिस

चंडीगढ़: हरियाणा में 39 स्थानों पर सबसे पहले कर्मचारियों के वोटों के साथ मतगणना शुरू हो गया है। रुझान साढ़े आठ बजे तक आने का अनुमान हैं। सभी 90 मतगणना केंद्रों के बाहर थ्री-टायर सुरक्षा के इंतजाम हैं।

मतगणना कर्मी केंद्रों पर पहुंच गए हैं। कुछ ही देर में मतगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। है। होगी। केंद्रीय अर्धसैनिक बल की 23 और इंडियन रिजर्व बटालियन की 12 कंपनियों के 3150 जवानों के साथ ही राज्य सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय पुलिस बल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहेगा।

सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर मतगणना कर्मियों को आधे घंटे पहले ही बताया जाएगा कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र की कौन-सी टेबल की मतगणना करनी है। सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटिड पोस्ट बैलेट सिस्टम (ईटीबीपीएस) की गणना होगी।

प्रदेश में कुल 1 लाख 5 हजार 859 सर्विस वोटर हैं जिनके पोस्टल बैलेट के साथ मतगणना का आगाज होगा। इस बार भिवानी-महेंद्रगढ़ और रोहतक लोकसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पोस्टल बैलेट प्राप्त हुए हैं। इनकी मैन्युअली गणना के बाद EVM से मतगणना आरंभ होगी।

फिर हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट मशीनों की वोटर स्लिप की गणना मैन्युअली की जाएगी। 450 वीवीपैट और EVM के मिलान के बाद ही फाइनल नतीजे घोषित किए जाएंगे। अमूमन दो-तीन घंटों में पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होती है जिसके बाद ही EVM के वोटों की गिनती शुरू होगी। यानी कि सुबह दस बजे EVM की गिनती शुरू हो जाए तो दोपहर बारह बजे तक प्रारंभिक रूझान सामने आ सकते हैं।

हर विवाद से निपटने का इंतजाम

EVM को लेकर छिड़ी बहस के मद्देनजर इन मशीनों की सुरक्षा को लेकर स्ट्रांग रूम में जबरदस्त व्यवस्था की गई हैं। अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सारी मतगणना होगी। मतगणना की एक टेबल पर चार सुरक्षाकर्मी, एक माइक्रो पर्यवेक्षक, एक मतगणना सहायक, एक चतुर्थ श्रेणी का मतगणना सहायक, एक रिटर्निंग अधिकारी व राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट मौजूद रहेंगे। एक मशीन की गिनती के बाद दो मिनट तक रिटर्निंग अधिकारी इंतजार करेगा। यदि किसी पोलिंग एजेंट को कोई ऐतराज हुआ या गिनती में कुछ गड़बड़ी की शिकायत हुई तो वह दोबारा गिनती करवा सकता है। अगर किसी एजेंट को गिनती पर आपत्ति नहीं होगी तो मशीन को सील कर दिया जाएगा।

ऐसे होती है वोटों की गिनती

पोस्टल बैलट की गिनती के 30 मिनट बाद EVM को लाया जाता है। मतगणनाकर्मी और प्रत्याशी के एजेंट EVM को खोले जाने से पहले उसकी जांच करते हैं। इसके बाद EVM को ऑन कर टोटल नंबर वाले बटन यानी रिजल्ट बटन की सील हटाई जाती है। यह सील हटाने के लिए एक खास चाकू होता है, जिससे इन्हें हटाया जाता है। रिजल्ट बटन दबाते ही हर EVM में सभी प्रत्याशियों को मिले वोटों की संख्या सामने आ जाती है। एक राउंड की गिनती होने के बाद EVM को फिर से सील कर दिया जाता है।

दो उम्मीदवारों को बराबर वोट मिले तो फैसला ड्रा से

मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि नोटा (इनमें से कोई नहीं) का वोट मान्य नहीं होता। इसलिए नोटा का अधिक वोट मिलने की स्थिति में फिर से मतदान नहीं होता। सबसे अधिक वोट प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित किया जाता है। यदि दो उम्मीदवारों को बराबर-बराबर वोट मिलते हैं तो उस स्थिति में ड्रा ऑफ लोटस के जरिये परिणाम घोषित किया जाता है।

संवेदनशील सात जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा

पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने कहा कि संवेदनशील रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, सिरसा और हिसार जिलों में चुनाव परिणामों के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों की दस अतिरिक्तकंपनियां मिली हैं। पूरे प्रदेश में घोड़ा पुलिस तैनात की गई है। अगर कोई कानून व्यवस्था को बिगाडऩे या मतगणना को बाधित करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर जनमत का सम्मान करें।

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