कोर्ट ने सुनाया फैसला, प्रभावित छात्रों को मिले अतिरिक्त अंक

प्रवेश के लिए 258 केन्द्रों पर आयोजित क्लैट 2018 की प्रवेश परीक्षा में 54450 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

नई दिल्‍ली । क्‍लैट परीक्षा में हुई अव्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि 16 जून तक नई मेरिट लिस्ट तैयार की जाए। कोर्ट ने अपने फैसले में आगे कहा, ‘तकनीकी खराबी के कारण पूरी परीक्षा न दे सके लगभग 400 छात्रों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे। पहले दौर की काउंसिलिंग पर रोक नहीं लगाई जाएगी, लेकिन (दूसरी काउंसिलिंग नई मेरिट लिस्ट के आधार पर होगी।‘

जस्टिस यू ललित और दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्‍ड लीगल स्टडीज द्वारा गठित शिकायत समाधान समिति को 15 जून तक इन शिकायतों पर गौर करने तथा परीक्षा के दौरान छात्रों ने जो समय गंवाया उसकी भरपाई के लिए सामान्यीकरण फॉर्मूला लागू करने का समय दिया।

समिति ने सुझाव दिया था कि तकनीकी खामियों की वजह से जिन छात्रों ने समय गंवाया है, उन्हें इस बात पर ध्यान देते हुए कि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान उन्होंने कितने सही और कितने गलत जवाब दिए, क्षतिपूरक अंक दिए जा सकते हैं।

देश के 19 नेशनल लॉ कॉलेजों में कानून की पढ़ाई के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 258 केन्द्रों पर आयोजित क्लैट 2018 की प्रवेश परीक्षा में 54450 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

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