छत्तीसगढ़

नक्सल शहरी नेटवर्क के सदस्यों को कोर्ट ने सुनाई दस-दस साल की सजा

दंतेवाड़ा।

जगदलपुर के विशेष न्यायालय ने नक्सल शहरी नेटवर्क के दस सदस्यों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। बता दें कि करीब दो साल चले ट्रायल के बाद न्यायाधीश (एनआईए एक्ट /अनुसुचित अपराध) डीएन भगत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपियों को जेल के साथ जुर्माना का फैसला सुनाया है।

दो साल पहले दंतेवाड़ा पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ने चुनिंदा अफसरों के साथ कोवर्ट (गुप्त) आपरेशन भी चलाया।

जिसके शिकंजे में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क लैथ और वेल्डिंग मशीन के साथ भांसी थाना क्षेत्र फंस गए। जबकि मुख्य आरोपी अरूण अग्रवाल, नक्सली कमांडर संजय कड़ती और पप्पू उर्फ तारिक खान फरार होने में सफल रहे।

इनमें से अरूण अग्रवाल रायपुर के एयरपोर्ट से तो तारिक खान को भांसी के पास से गिरफ्तार किया गया था। अरूण अग्रवाल को पुलिस की कार्रवाई करने की भनक लग चुकी थी। इसलिए वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। दंतेवाड़ा पुलिस को उसके भागने की खबर खुफिया तंत्र से मिली।

इसके बाद उसे एयरपोर्ट से धर दबोचा गया। पूछताछ पर लौह अयस्क से भरी ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश का खुलासा हुआ। नक्सलियों से बेहतर गठजोड़ का पर्दाफाश हो गया। उसकी निशानदेही पर घातक विस्फोटक और लोकल स्तर नेटवर्क भी पुलिस के सामने आ गया। इस पूरे प्रकरण में अरूण अग्रवाल के साथ 9 लोग शामिल थे। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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