मध्यप्रदेश

कोरोना ब्रेकिंग-भोपाल में Covid-19 से डॉक्टर की मौत,जेल में 11 कैदी संक्रमित

कोरोना वायरस के 152 नए मरीज मिले

नई दिल्ली : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना से एक रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट डॉ. महेंद्र जैन की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें 10 दिन से वेंटीलेटर पर रखा गया था। काफी प्रयास के बाद भी डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा पाए।

वहीँ शनिवार को भोपाल में एक बार फिर Covid-19 के 152 नए केस सामने आए। इनमें से 11 मरीज जिला जेल के कैदी पॉजिटिव निकले। राजधनी में अब सिर्फ रविवार को ही टोटल लॉकडाउन के नियमों का पालन कराया जाएगा। कलेक्टर ने इसके आदेश जारी करते हुए शनिवार के लॉकडाउन के आदेश को रद्द कर दिया। अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

हेल्थ विभाग के ज्वाइन डायरेक्टर डॉ.पंकज शुक्ला ने बताया

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक  हेल्थ विभाग के ज्वाइन डायरेक्टर डॉ.पंकज शुक्ला ने बताया कि 67 वर्षीय डॉ. महेंद्र जैन उनके सीनियर थे। दो साल पहले पहले रिटायर्ड हो गए थे। इधर, उनके भाई डॉ. आरके जैन ने बताया कि गत सोमवार को तबीयत खराब होने पर भैया महेंद्र एम्स दिखाने गए थे। उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल भर्ती कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। सभी प्रयास करने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। लालघाटी में महेंद्र अपने परिवार के साथ रहते थे। वे 1250 अस्पताल में विभागाध्यक्ष भी रहे। पांच महीने से उन्होंने बैरागढ़ में अपना क्लिनिक भी नहीं खोला था।

इधर पीएचक्यू हेडक्वार्टर से एक कर्मचारी, 23 वीं बटालियन से एक जवान, ईएमई सेंटर से दो लोग, जीएमसी से दो मरीजों, एम्स का एक पीजी छात्र, सुविधा विहार कालोनी एयरपोर्ट रोड से दो परिवार में 8 लोग, कल्पना नगर रायसेन रोड से 3, जहांगीराबाद से 3, 1100 क्वार्टर से 4 और वार्ड 13 तलैया मंदिर बैरसिया रोड से 3 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

राजधानी में 10 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन के बाद शुक्रवार देर रात कलेक्टर भोपाल ने नए आदेश जारी कर दिए। पहले भोपाल में 31 जुलाई तक शनिवार और रविवार को दो दिन संपूर्ण लॉकडाउन था। इसके अलावा रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहता था। नए आदेश में अब सिर्फ रविवार को ही संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। रात का कर्फ्यू भी अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे रहेगा। हालांकि इस दौरान कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य है। इसके लिए कलेक्टर ही धारा 144 लागू है।

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