भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता का 83 की उम्र में निधन

दासगुप्ता ने मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त वर्ष 2012-13 के बजट पर तीखी टिप्पणी की थी।

नई दिल्ली. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गुरुदास दासगुप्ता का गुरुवार को 83 साल की उम्र में निधन हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक दासगुप्ता पिछले कुछ महीने से फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे। पश्चिम बंगाल में भाकपा के सचिव स्वपन बनर्जी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने गुरुवार को कोलकाता स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

जानकारी के मुताबिक दासगुप्ता गुरुदास 3 बार राज्यसभा और 2 बार लोकसभा के सदस्य रहे। उन्होंने दूसरी यूपीए सरकार में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का सदस्य रहते हुए 2जी स्पेक्ट्रम केस को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन के कर्तव्य की चूक बताया था।

दासगुप्ता का जन्म 3 नवंबर 1936 को हुआ था। वे 1985 में पहली, 1988 में दूसरी और 1994 में तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद दासगुप्ता 2004 और 2009 में दो बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

2004 में लोकसभा पहुंचने के बाद दासगुप्ता वित्त समिति और पब्लिक अंडरटेकिंग समिति के सदस्य भी रहे। 2009 में वे भाकपा संसदीय दल के नेता भी चुने गए थे। राजनीति से इतर दासगुप्ता को क्रिकेट और रवींद्र संगीत में बेहद रुचि थी। वे बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) से भी जुड़े रहे और उन्होंने कैब के सदस्य के रूप में काम किया।

दासगुप्ता ने मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त वर्ष 2012-13 के बजट पर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘यह पूरी तरह लिपिकीय (क्लैरीकल) बजट है। इसे वित्त मंत्रालय के क्लर्क भी तैयार कर सकते थे। इसके लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की कोई आवश्यकता नहीं थी।’’

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